नई दिल्ली : दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, स्वतंत्र सेक्टोरल फ़ेडरेशनों और एसोसिएशनों के संयुक्त मंच ने आज 12 फ़रवरी को पूरे देश में आम हड़ताल का आह्वान किया है. इस आम हड़ताल के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) भी आया है और उसने हड़ताल में शामिल होने का आह्वान किया है.
Highlights:
एटक की महासचिव अमरजीत कौर ने एक बयान जारी कर कहा है, “पूरे देश में सभी क्षेत्रों, औपचारिक/अनौपचारिक, सरकारी, सार्वजनिक क्षेत्र, औद्योगिक क्षेत्रों, ग्रामीण और शहरी भारत में राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल का आह्वान किया गया है.” उन्होंने कहा कि एसकेएम ने अपनी मांगों और ट्रेड यूनियनों की मांगों के समर्थन में पूर्ण समर्थन का वादा किया है.
यूनियनों की ओर से ये मांगें रखी गई हैं –
- चार लेबर कोड और नियम ख़त्म हों
- ड्राफ्ट सीड बिल और बिजली संशोधन बिल वापस लिया जाए
- सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया (शांति) एक्ट वापस लिया जाए
- मनरेगा को बहाल करें और विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 को ख़त्म किया जाए
- बीमा कंपनियों में 100% एफ़डीआई के फैसले को वापस लिया जाए
- खाली सरकारी, सार्वजनिक क्षेत्र के पदों को भरें; आंगनवाड़ी, आशा, एमडीएम कर्मचारियों को नियमित किया जाए


