रांची: देश की माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित झारखंड (रांची और जमशेदपुर) दौरे को लेकर प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इस हाई-प्रोफाइल दौरे को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। शनिवार को रांची के उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा से लेकर स्वागत तक के हर पहलू पर बारीकी से चर्चा हुई।
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सुरक्षा के कड़े इंतेजाम
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति का दौरा जिले के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और गौरव का विषय है। सुरक्षा व्यवस्था को जीरो एरर (शून्य त्रुटि) नीति पर तैयार किया जा रहा है। एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल और राजभवन तक के मार्ग को अभेद्य किले में तब्दील किया जाएगा। वहीं ट्रैफिक जाम से बचने के लिए यातायात पुलिस को पहले से ही वैकल्पिक रूट चिन्हित करने और उनका ट्रायल करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही प्रशासन पूरे रूट की निगरानी ड्रोन और सीसीटीवी से करेगा।
विभागों को मिली जिम्मेदारी
बैठक में केवल पुलिस ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, बिजली और नागरिक सुविधाओं से जुड़े विभागों को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के सिविल सर्जन को आपातकालीन स्थिति के लिए एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस और डॉक्टरों की टीम को स्टैंडबाय पर रखने को कहा गया है। वहीं किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए अग्निशमन दस्ता हर वक्त चाक-चौबंद रहेगा। इसके साथ भवन और पथ निर्माण विभाग को सड़कों की मरम्मत और वीवीआईपी रूट के सौंदर्यीकरण का जिम्मा सौंपा गया है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में ग्रामीण एसपी, ट्रैफिक एसपी, सदर एसडीओ, बिरसा मुंडा एयरपोर्ट के निदेशक समेत बिजली और विद्युत आपूर्ति विभाग के वरीय पदाधिकारी शामिल हुए। प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर है कि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान आम जनता को कम से कम असुविधा हो और प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन किया जाए।


