रांची: आगामी विधानसभा चुनाव और उपचुनाव की तैयारियों को लेकर झारखंड के प्रशासनिक और पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली जा रहे हैं। झारखंड के 25 आईएएस और 5 आईपीएस अधिकारियों की एक विशेष टीम गुरुवार को दिल्ली के लिए रवाना होगी। यह टीम वहां दो दिनों तक चुनावी कार्यों से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेगी। दिल्ली में होने वाले इस कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय पर्यवेक्षकों के साथ बैठक भी होगी। इन बैठकों में चुनाव संचालन, आदर्श आचार संहिता के पालन, निष्पक्ष मतदान, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक समन्वय जैसे अहम विषयों पर चर्चा की जाएगी। इसी क्रम में झारखंड के अधिकारी केंद्रीय स्तर पर आयोजित प्रशिक्षण में भाग लेने दिल्ली जाएंगे।
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वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी
दिल्ली जाने वाली आईएएस अधिकारियों की टीम में सचिव रैंक के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। इससे साफ है कि राज्य सरकार और निर्वाचन विभाग चुनावी प्रक्रिया को लेकर पूरी गंभीरता से तैयारी कर रहे हैं। वहीं आईपीएस अधिकारियों की टीम में आईजी रैंक के अधिकारी भी शामिल किए गए हैं, जो कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े अहम बिंदुओं पर प्रशिक्षण लेंगे।
दिल्ली जाने वाले IAS अधिकारियों की सूची
दिल्ली जाने वाले आईएएस अधिकारियों में मनीष रंजन, राजेश कुमार शर्मा, कृपानंद झा, मनोज कुमार, विप्रा भाल, अरवा राजकमल, उमा शंकर सिंह, मुकेश कुमार, राजीव रंजन, अमित कुमार, अबू इमरान, राहुल सिन्हा, ए. दोड्डे, राजेश्वरी बी., वाघमारे प्रसाद कृष्ण, जिशान कमर, मृत्युंजय कुमार बरनवाल, शशि रंजन, आदित्य कुमार आनंद, सूरज कुमार, भोर सिंह यादव, वरुण रंजन, शशि रंजन, नैन्सी सहाय और कुलदीप चौधरी शामिल हैं।
इसके अलावा आईपीएस अधिकारियों की टीम में अखिलेश कुमार झा, प्रभात कुमार, असीम विक्रांत मिंज, चंदन कुमार झा और मोहम्मद अर्शी शामिल हैं। ये अधिकारी चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, पुलिस बल की तैनाती और संवेदनशील इलाकों की निगरानी से जुड़े विषयों पर प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
दो दिनों तक चलेगा प्रशिक्षण
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दो दिनों तक चलेगा। इस दौरान अधिकारियों को केंद्रीय चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों, पूर्व अनुभवों और नई रणनीतियों से अवगत कराया जाएगा। बैठक के बाद अधिकारी वापस झारखंड लौटेंगे और यहां चुनावी तैयारियों को और मजबूत करेंगे। झारखंड सरकार और निर्वाचन विभाग का मानना है कि समय रहते अधिकारियों को प्रशिक्षण देने से चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया जा सकेगा। आने वाले दिनों में चुनावी तैयारियों को लेकर राज्य में प्रशासनिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।

