पटना: UGC रेगुलेशन 2026 को लेकर देशभर में चल रही बहस के बीच पटना यूनिवर्सिटी के छात्रों ने आज इसके समर्थन में बड़ा प्रदर्शन किया। छात्रों ने पटना कॉलेज से गांधी मैदान तक पैदल मार्च निकाला। इस दौरान हजारों की संख्या में SC, ST और OBC छात्रवास के छात्र शामिल हुए और केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मार्च के दौरान छात्र हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर चल रहे थे। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि UGC रेगुलेशन 2026 उच्च शिक्षा संस्थानों में जातीय भेदभाव को रोकने के लिए जरूरी है।
Highlights:
छात्र युवा संघर्ष समिति ने किया आंदोलन का ऐलान
यह आंदोलन मंडल 2.0 छात्र युवा संघर्ष समिति के आह्वान पर किया गया है। समिति ने UGC रेगुलेशन एक्ट 2026 के समर्थन में आंदोलन की घोषणा पहले ही कर दी थी। आज का प्रदर्शन अमर शहीद बाबू जगदेव प्रसाद की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसे छात्रों ने सामाजिक न्याय के संघर्ष से जोड़कर देखा।
सुप्रीम कोर्ट की रोक के विरोध में प्रदर्शन
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी को यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में भेदभाव रोकने से जुड़े UGC के नए नियमों पर रोक लगा दी थी। इसी फैसले के विरोध में पटना यूनिवर्सिटी के छात्रों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि कोर्ट की रोक से SC, ST और OBC छात्रों की सुरक्षा कमजोर होगी।
क्या है UGC रेगुलेशन 2026
UGC के नए नियम का नाम है प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन्स रेगुलेशन्स, 2026। इसका उद्देश्य कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में SC, ST और OBC छात्रों के खिलाफ होने वाले जातीय भेदभाव को रोकना है। इन नियमों के तहत हर उच्च शिक्षण संस्थान में विशेष शिकायत निवारण समितियां, हेल्पलाइन नंबर, मॉनिटरिंग टीमें बनाने का निर्देश दिया गया है, ताकि भेदभाव से जुड़ी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
नए नियमों को लेकर विरोध भी
सरकार का कहना है कि ये नियम उच्च शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए लाए गए हैं। हालांकि, सवर्ण जाति के कुछ छात्रों और संगठनों ने इन नियमों का विरोध किया है। उनका आरोप है कि UGC ने जातीय भेदभाव की परिभाषा को गैर-समावेशी बनाया है, जिससे कॉलेजों में अराजक स्थिति पैदा हो सकती है। विरोध करने वाले छात्रों का यह भी कहना है कि नए नियमों में सवर्ण छात्रों को स्वाभाविक अपराधी की तरह पेश किया गया है, जिससे उनके खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा मिलेगा।


