Thursday, July 23, 2026

बांग्लादेश में चुनाव पूर्व हिंसा, 12 फरवरी से पहले हालत तनावपूर्ण

न्यूज डेस्क : बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल बिगड़ता नजर आ रहा है। जैसे-जैसे चुनावी प्रचार तेज हो रहा है, वैसे-वैसे देश के अलग-अलग हिस्सों से हिंसा की भयावह खबरें सामने आ रही हैं। उम्मीदवारों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों ने चुनावी प्रक्रिया और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, प्रचार अभियान की शुरुआत के बाद से ही गोलीबारी, चाकूबाजी और तोड़फोड़ की घटनाएं लगातार बढ़ी। इन घटनाओं में अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोमवार देर रात से अब तक पांच जिलों में राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़पों में कम से कम 24 लोग घायल हुए। इन झड़पों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी से जुड़े कार्यकर्ताओं के शामिल होने की खबरें सामने आई।

कार्यालय पर गोलीबारी, चुनावी प्रचार में बाधा 

हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई उम्मीदवारों ने अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस में जनरल डायरी दर्ज कराई है और अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की। हिंसा का असर सिर्फ लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनावी बुनियादी ढांचे को भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया गया है। कई इलाकों में चुनावी कार्यालयों, प्रचार वाहनों, लाउडस्पीकरों और मतदान केंद्रों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को नष्ट कर दिया गया या लूट लिया गया है।

अवामी लीग सरकार के पतन के बाद बनी अंतरिम सरकार के साथ काम करने वाले दल अब आपस में ही सत्ता के लिए भिड़ते नजर आ रहे हैं। पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों पर हो रहे हमलों ने मतदान वाले दिन के लिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। एनसीपी नेता नसीरूद्दीन पटवारी ने आरोप लगाया कि उनके कार्यालय पर गोलीबारी हुई और उनके चुनाव प्रचार में जानबूझकर बाधाएं डाली

संरक्षण में भीड़ हिंसा को बढ़ावा

इस बीच, ढाका में आयोजित एक कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने आरोप लगाया कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के संरक्षण में भीड़ हिंसा को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि मीडिया की स्वतंत्रता खतरे में है और पत्रकार दबाव व असुरक्षा के माहौल में  लागातार अपने काम कर रहे हैं।

उधर, अमेरिकी सीनेट की इंटेलिजेंस कमेटी के अध्यक्ष मार्क वार्नर ने भी चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अमेरिका की घटती सक्रियता और कमजोर लोकतांत्रिक समर्थन के बीच बांग्लादेश के चुनावों की साख पर अनिश्चितता बनी हुई है, जिसका असर भारत की क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर