Tuesday, September 15, 2026

झारखंड शराब घोटाला मामले में इंस्पेक्टर समेत आठ पुलिसकर्मी निलंबित, जानें क्यों

रांची: झारखंड में सामने आए शराब घोटाले के मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। इस मामले में छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी और मुख्य आरोपी भूपेंद्रपाल सिंह भाटिया पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। बताया जा रहा है कि उसे गिरफ्तार करने के लिए गई पुलिस टीम आरोपी को पकड़ने में नाकाम रही और खाली हाथ लौट आई। इतना ही नहीं, इसी मामले के एक अन्य अहम आरोपी नवीन केडिया को दोबारा गिरफ्तार करने का निर्देश भी दिया गया था, लेकिन वह भी पुलिस की पकड़ से बचने में सफल रहा। इस घटना के बाद पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए एसीबी ने जांच शुरू कर दी।

एसीबी के आदेश

मामले की जानकारी मिलते ही एसीबी की चीफ एडीजी प्रिया दुबे ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए। जांच में पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद संबंधित पुलिस टीम को निलंबित कर दिया गया। बताया जा रहा है कि भूपेंद्रपाल सिंह भाटिया भाटिया वाइंस एंड कंपनी का मालिक है। एसीबी की जांच में उसे इस मामले में आरोपी बनाया गया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अगर पुलिस टीम ने छापेमारी सही तरीके से की होती, तो आरोपी को आसानी से गिरफ्तार किया जा सकता था। जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने अपने कर्तव्यों को गंभीरता से नहीं निभाया। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर आरोपी फरार हो गए।

आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित

जानकारी के अनुसार झारखंड पुलिस की टीम सब-इंस्पेक्टर गगन कुमार के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ गई थी। उनके साथ दो आरक्षी सत्येंद्र कुमार और प्रभाकर भी मौजूद थे। ये तीनों रांची जिला पुलिस बल से जुड़े बताए जा रहे हैं। रांची पुलिस ने अतिरिक्त बल की मांग पर इन्हें एसीबी को उपलब्ध कराया था। बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी भूपेंद्रपाल सिंह भाटिया ने पहले ही अदालत में जमानत याचिका दाखिल की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया था। इसके बावजूद पुलिस उसे गिरफ्तार करने में सफल नहीं हो सकी। इससे पहले इसी मामले में आरोपी नवीन केडिया को लेकर भी बड़ा विवाद सामने आया था। एसीबी ने उस मामले में इंस्पेक्टर समेत आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया था। निलंबित अधिकारियों में इंस्पेक्टर विजय केरकेट्टा, सब-इंस्पेक्टर राहुल और शशिकांत, एएसआई राजू और चार अन्य आरक्षी शामिल थे।

ड्यूटी में लापरवाही

इन सभी अधिकारियों को नवीन केडिया की ट्रांजिट बेल के दौरान निगरानी की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन आरोप है कि निगरानी ठीक तरीके से नहीं की गई। नतीजतन ट्रांजिट बेल खत्म होने के बाद आरोपी को सरेंडर करना था, लेकिन वह फरार हो गया। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद पुलिस की कार्यशैली और जवाबदेही पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं एसीबी की कार्रवाई से यह साफ संदेश गया है कि ड्यूटी में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।

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एयर नाऊ स्पेशल

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