चाईबासा : गम्हरिया के महुलडीह में शक्ति शाली बम के साथ एकत्र होकर रेल, राष्ट्रीय संपत्ति और सरकारी प्रतिष्ठान की क्षति पहुंचाने के लिए जमा होने और बम विस्फोट किए जाने के 33 साल पुराने मामले में पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन और उसके दो समर्थक श्याम नंदन टुडू उर्फ डॉक्टर टुडू और अरुण कुमार महतो मंगलवार को प्रथम अपर जिला सत्र न्यायाधीश बिनोद कुमार की अदालत में पेश हुए। इसके साथ ही मामले का चार्ज फ्रेम हो गया है। अब मामले में गवाही चलेगा।
मिली जानकारी के अनुसार पूर्व सीएम समेत तीन लोगों के खिलाफ गम्हरिया थाना में पदस्थापित सहायक अवर निरीक्षक राम नारायण सिन्हा के द्वारा 20 सितम्बर 1993 को मामला दर्ज किया गया था। उक्त मामले में चंपाई सोरेन और उसके दोनों समर्थक बेल पर है। दर्ज मामले में बताया गया था कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि महुलडीह में कोई घटना घटी है, जिससे सन्नाटा पसरा हुआ है। सूचना पाते ही पुलिस सनहा दर्ज कर मामले की छानबीन के लिए घटना स्थल पहुंचीं।
छानबीन के दौरान पता चला कि झामुमो सोरेन गुट द्वारा आहूत आर्थिक नाकाबंदी को सफल बनाने के लिए तत्कालीन विघायक चम्पाई सोरेन अपने समर्थकों योगेश्वर टूडू, सोमाय मोदी, श्याम नंदन टूडू उर्फ डाक्टर टूडू, अरूण कुमार महतो,नारायण साहू सहित अन्य चार पांच लोग महुलडीह स्थित होना गोराई के मकान में सोरेन गुट के कार्यालय में 18 सितम्बर 93 को दिन के 12 बजे एकत्रित थे।
विधायक चम्पाइ सोरेन के नेतृत्व में झारखंड आतंकवादी लोग पार्टी कार्यालय में शक्तिशाली बम के जमा हुए हैं। गीतांजलि एक्सप्रेस ट्रेन उड़ानें की योजना बना रहें थे। अचानक दिन के 2 बजे बम विस्फोट कर जाने से 3 से 4 व्यक्तियों की मौत हो गई है। शवों को घटना स्थल से हटा दिया गया और जख्मियों का इलाज भी किसी प्राइवेट स्थान पर कराया जा रहा है।
मामले में बताया गया है कि बम विस्फोट में देव चरण गोस्वामी और सोना गोराई सहित अन्य की भी विस्फोट से मौत हुई है। मामले में बताया गया है कि उक्त लोगों द्वारा महुलडीह में शक्तिशाली बम के साथ जमा हो कर रेल और राष्ट्रीय सम्पत्ति, सरकारी प्रतिष्ठान की क्षति पहुंचाने की योजना बना रहे थे, तभी बम विस्फोट हो गया।


