Monday, November 2, 2026

ज़ोमैटो के फाउंडर दीपेंद्र गोयल ने छोड़ा CEO पद, अलबिंदर ढींडसा बनेंगे नए ग्रुप सीईओ

नई दिल्ली: फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स सेक्टर की प्रमुख कंपनी इटरनल में शीर्ष स्तर पर बड़ा बदलाव हुआ है। कंपनी के संस्थापक दीपेंद्र गोयल ने सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया है। स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, अलबिंदर ढींडसा को उनका उत्तराधिकारी नियुक्त किया गया है। यह बदलाव 1 फरवरी से प्रभावी होगा। अलबिंदर ढींडसा अब इटरनल के ग्रुप सीईओ के रूप में कंपनी के दिन-प्रतिदिन के संचालन, रणनीति और व्यावसायिक फैसलों की जिम्मेदारी संभालेंगे।

बोर्ड ने इस्तीफे को दी मंजूरी

कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने दीपेंद्र गोयल के निदेशक, प्रबंध निदेशक और सीईओ पद से इस्तीफे को मंजूरी दे दी है। साथ ही, शेयरधारकों की स्वीकृति मिलने पर उन्हें अगले पांच वर्षों के लिए बोर्ड में उपाध्यक्ष और निदेशक के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश भी की गई है। इस बदलाव के तहत गोयल के सभी अनवेस्टेड स्टॉक ऑप्शंस वापस कर्मचारी स्टॉक ऑप्शन पूल में चले जाएंगे। इटरनल ने बुधवार को वित्त वर्ष 2026 की दिसंबर तिमाही के नतीजे भी जारी किए। कंपनी का समेकित शुद्ध मुनाफा 72.88 प्रतिशत बढ़कर 102 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी ने 59 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। इससे कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति का संकेत मिलता है।

इस्तीफे के पीछे गोयल की वजह

दीपेंद्र गोयल ने शेयरधारकों को लिखे पत्र में इस्तीफे की वजह बताते हुए कहा कि अब उनका रुझान नए और उच्च-जोखिम वाले विचारों की ओर है। उन्होंने लिखा कि ऐसे प्रयोग और शोध सार्वजनिक कंपनी के ढांचे से बाहर बेहतर तरीके से किए जा सकते हैं। गोयल ने यह भी कहा कि वह खुद को एक बड़े संगठन के सीईओ की तुलना में प्रोडक्ट और इनोवेशन से जुड़ी भूमिका में अधिक सहज महसूस करते हैं। नेतृत्व सौंपते हुए गोयल ने अलबिंदर ढींडसा की क्षमताओं पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि ब्लिंकिट के अधिग्रहण से लेकर उसे ब्रेक-ईवन तक पहुंचाने में ढींडसा की भूमिका अहम रही है। इसी अनुभव के कारण वह इटरनल का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं।

नए वेंचर्स पर ध्यान देंगे गोयल

इटरनल से हटने के बाद दीपेंद्र गोयल अपने निजी रिसर्च और डीप-टेक स्टार्टअप्स पर ध्यान केंद्रित करेंगे। बीते एक साल में उन्होंने कई नए क्षेत्रों में निवेश किया है, जिनमें LAT एयरोस्पेस, हेल्थ और वेलनेस से जुड़ा कंटीन्यू, और मस्तिष्क के रक्त प्रवाह की निगरानी से जुड़ा वेंचर टेंपल शामिल हैं। दीपेंद्र गोयल ने साल 2008 में पंकज चड्ढा के साथ मिलकर ज़ोमैटो की स्थापना की थी, जिसे शुरुआत में फूडीबे कहा जाता था। बाद में कंपनी ने फूड डिलीवरी से आगे बढ़ते हुए क्विक कॉमर्स ब्रांड ब्लिंकिट को भी अपने साथ जोड़ा। यह नेतृत्व परिवर्तन इटरनल के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है, जहां कंपनी स्थिर नेतृत्व के साथ आगे बढ़ते हुए नए विकास के रास्ते

एयर नाऊ स्पेशल

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