संभल: जामा मस्जिद सर्वे के विरोध में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा के मामले में पुलिस और प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। हिंसा के मास्टरमाइंड बताए जा रहे शारिक साठा के मकान और अन्य संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया बुधवार को शुरू की गई। जिला न्यायालय से आदेश मिलने के बाद पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम दोपहर करीब 12 बजे शारिक साठा के पुश्तैनी मकान पर पहुंची। यह मकान करीब 210 गज क्षेत्रफल में बना हुआ है। मौके पर पहुंची टीम ने सबसे पहले मुनादी कराई और इसके बाद शारिक साठा के हिस्से की एक चौथाई संपत्ति कुर्क किए जाने का ऐलान किया। कुर्की की कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
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जिला न्यायालय के आदेश पर हुई कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार को जिला न्यायालय से शारिक साठा की संपत्ति कुर्क करने का आदेश जारी हुआ था। उसी आदेश के अनुपालन में बुधवार को यह कार्रवाई की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। गौरतलब है कि 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद के सर्वे के विरोध के दौरान इलाके में भारी हिंसा भड़क गई थी। इस दौरान भीड़ ने पथराव किया, फायरिंग हुई और कई जगह आगजनी की घटनाएं सामने आईं। हिंसा के दौरान भीड़ में शामिल बिलाल, नईम, कैफ और अयान को गोली लग गई थी, जिससे चारों की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया था और लंबे समय तक भारी पुलिस बल तैनात रहा।
जांच में शारिक साठा का नाम आया सामने
पुलिस जांच में सामने आया कि इस हिंसा को भड़काने और हत्या की साजिश रचने में शारिक साठा की अहम भूमिका थी। जांच एजेंसियों का दावा है कि उसने भीड़ को उकसाया और हिंसा की पूरी योजना पहले से तैयार की गई थी। इसी आधार पर उसे इस मामले का मास्टरमाइंड माना गया है। कोतवाली पुलिस ने शारिक साठा के खिलाफ चार अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की हैं। ये सभी मुकदमे चार लोगों की हत्या से जुड़े हैं। पुलिस के अनुसार, शारिक साठा इन सभी मामलों में वांछित है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस और प्रशासन ने साफ कहा है कि हिंसा, आगजनी और हत्या जैसे गंभीर अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। संपत्ति कुर्की की यह कार्रवाई उसी कड़ी का हिस्सा है। अधिकारियों का कहना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और दोषियों को सजा दिलाकर ही दम लिया जाएगा।


