भुवनेश्वर : ओडिशा सरकार ने खनन नियमों के कथित उल्लंघन और निर्धारित उत्पादन लक्ष्यों को पूरा न करने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए वेदांता समूह की सहायक कंपनी ईएसएल स्टील लिमिटेड को 1,255.38 करोड़ रुपये का डिमांड नोटिस जारी किया है। यह नोटिस राज्य के खनिज निदेशालय के कोइरा सर्कल स्थित उप निदेशक कार्यालय द्वारा भेजा गया है और इसे खनन क्षेत्र में नियमों के कड़े पालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरकार का कहना है कि ईएसएल स्टील अपनी दो प्रमुख लौह अयस्क खदानों, बीको और फीग्रेड माइनिंग लीज, में परिचालन के चौथे वर्ष के दौरान न्यूनतम उत्पादन और डिस्पैच लक्ष्यों को पूरा करने में विफल रही है। अधिकारियों के अनुसार, कंपनी ने तय मानकों से काफी कम मात्रा में खनन किया, जिससे राज्य के राजस्व और संसाधन उपयोग पर प्रतिकूल असर पड़ा। इस आधार पर सरकार ने मिनरल्स कंसेशन रूल्स, 2016 के नियम 12(ए) के तहत जुर्माना लगाया है, जिसमें न्यूनतम उत्पादन से कम खनन होने पर क्षतिपूर्ति वसूलने का प्रावधान है।
वेदांता समूह ने इस नोटिस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह इसकी कानूनी वैधता और गणना की गहन समीक्षा कर रहा है। कंपनी का दावा है कि यह मांग तथ्यों और कानून दोनों के आधार पर टिकाऊ नहीं है। ईएसएल स्टील ने संकेत दिया है कि वह इस मामले को अदालत में चुनौती देगी और राहत पाने के लिए स्थगन आदेश की मांग करेगी। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई सूचना में स्पष्ट किया है कि वह अपने पक्ष को मजबूती से रखने के लिए सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करेगी।
इस घटनाक्रम पर उद्योग जगत और निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह राशि बरकरार रहती है तो कंपनी की वित्तीय स्थिति पर दबाव पड़ सकता है। हालांकि, शेयर बाजार में अभी तक मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली है। आने वाले दिनों में कानूनी लड़ाई और सरकार की अगली कार्रवाई इस पूरे मामले की दिशा तय करेगी।


