Wednesday, July 22, 2026

Zomato, Swiggy, Blinkit…सभी गिग वर्कर्स के लिए बड़ी खुशखबरी, 10 हज़ार रुपए देगी सरकार

एयरनाउ डेस्क : सरकार जल्द ही गिग वर्कर्स और प्लेटफॉर्म आधारित कामगारों, जैसे स्विगी, जोमैटो, ब्लिंकिट और जेप्टो के डिलीवरी पार्टनर्स, के लिए एक नई माइक्रोक्रेडिट योजना शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत उन्हें बिना गारंटी 10,000 रुपये तक का लोन मिलेगा, जिससे वे मोटरसाइकिल, मोबाइल या काम से जुड़ी अन्य ज़रूरी चीज़ें खरीद सकेंगे। यह पहल प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की तर्ज पर तैयार की जा रही है, जिसमें पहले से ही रेहड़ी-पटरी वालों को छोटे लोन दिए जाते हैं। उसी मॉडल को अब गिग वर्कर्स के लिए लागू करने की तैयारी है।

इस योजना का खाका केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय बना रहा है। पात्रता के लिए ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण और यूनिवर्सल अकाउंट नंबर होना ज़रूरी होगा। नवंबर 2025 तक ई-श्रम पोर्टल पर 31 करोड़ असंगठित कामगार और 5 लाख से अधिक गिग वर्कर्स दर्ज हो चुके हैं। सरकार ने इस योजना को 2030 तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है और इसके लिए 7,332 करोड़ रुपये का बजट तय किया है। लोन की राशि चरणबद्ध तरीके से बढ़ाई जाएगी,पहले 10,000 रुपये, फिर 20,000 और आगे 50,000 रुपये तक। समय पर लोन चुकाने वाले लाभार्थियों को यूपीआई से जुड़ा रुपे क्रेडिट कार्ड भी मिलेगा।

हाल ही में डिलीवरी पार्टनर्स ने कम वेतन और सामाजिक सुरक्षा की कमी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। उनका कहना था कि कंपनियां पेमेंट स्ट्रक्चर में लगातार बदलाव करती हैं, जिससे लंबे समय तक काम करने के बावजूद पर्याप्त आय नहीं हो पाती। बीमा और सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाओं की कमी भी उनकी बड़ी चिंता रही। इस आंदोलन के दौरान सांसद राघव चड्ढा ने गिग वर्कर्स का समर्थन किया और कहा कि ये कामगार देश की नई अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने बेहतर वेतन, स्थिर कामकाजी माहौल और सामाजिक सुरक्षा की मांग की। नई योजना इसी दबाव और जरूरत को ध्यान में रखकर लाई जा रही है, ताकि गिग वर्कर्स को आर्थिक सहारा मिले और वे सम्मानजनक जीवन जी सकें।

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एयर नाऊ स्पेशल

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न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
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