रांची: झारखंड की राजधानी रांची में शनिवार की रात गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठी। शहर के पिस्का मोड़ में जमीन विवाद और पैसों के लेनदेन को लेकर दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई। देखते ही देखते ये झड़प खूनी रंजिश में बदल गई जिसके बाद गोलीबारी में तीन लोगों को गोली लगी है, जिन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
क्या है पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार की रात करीब 9:45 बजे पिस्का मोड़ में जमीन कारोबारी विकास सिंह और उनके भाई आकाश सिंह उर्फ मोगली पर अपराधियों ने जानलेवा हमला कर दिया। घायल विकास सिंह को छाती और हाथ में तीन गोलियां लगीं। वहीं उसके भाई आकाश सिंह को हाथ में गोली लगी। जिसके बाद घायलों को पहले सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। फिलहाल दोनों भाई खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।
लोगों के मुताबिक, यह महज अचानक हुई गोलीबारी नहीं बल्कि एक सोची-समझी साजिश थी। अपराधी संजय पांडेय ने विकास सिंह और उसके भाई को बातचीत के बहाने बुलाया था। जैसे ही दोनों भाई वहां पहुंचे, पहले से घात लगाकर बैठे संजय पांडेय और उसके गुर्गों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि अपराधियों ने करीब 5 से 6 राउंड गोलियां चलाईं।
55 लाख का विवाद और ‘सुकुरहुटू’ की जमीन
इस खूनी संघर्ष के पीछे की मुख्य वजह 55 लाख रुपये का बकाया बताया जा रहा है। दरअसल सुकुरहुटू में स्थित एक 4 एकड़ की जमीन पर संजय पांडे और विकास सिंह मिलकर काम कर रहे थे। इस सौदे में विकास का संजय पर 55 लाख रुपये बकाया था। विकास लगातार अपने पैसे मांग रहा था, जिससे तंग आकर संजय ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची।
सूचना के बाद एक्शन में पुलिस
वारदात की सूचना मिलते ही कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय, सुखदेव नगर थाना प्रभारी और पंडरा ओपी प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से खाली खोखे बरामद किए हैं। साथ ही पुलिस ने मुख्य आरोपी संजय पांडेय समेत कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इसके साथ पुलिस घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। वहीं डीएसपी प्रकाश सोय ने पुष्टि की है कि मामला जमीन विवाद से जुड़ा है, लेकिन अन्य पहलुओं पर भी बारीकी से जांच की जा रही है।
राजधानी के बीचों-बीच इस तरह की फायरिंग ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जमीन कारोबार से जुड़े विवाद रांची में लगातार हिंसक रूप ले रहे हैं, जिससे आम नागरिकों में भी डर का माहौल है।


