रांची : रांची की भूमि और बालू से जुड़े घोटाले में मनी लाउंड्रिंग के आरोप में पूर्व प्रभारी दारोगा मीरा सिंह के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दाखिल की गई चार्जशीट (आरोप पत्र) पर अदालत ने संज्ञान ले लिया है। अब उनके खिलाफ पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग एक्ट) के तहत मुकदमा चलेगा। इस मामले में विशेष पीएमएलए अदालत (विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत) ने ED द्वारा सितंबर 2025 में दाखिल की गई चार्जशीट को स्वीकार कर लिया है। अदालत ने मीरा सिंह की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए समन जारी किया है। अगली सुनवाई 16 फरवरी 2026 को होगी।
Highlights:
क्या है आरोप?
ईडी ने आरोप लगाया है कि मीरा सिंह और उनके करीबी जमीन कारोबारी सह कांग्रेस नेता लाल मोहित नाथ शाहदेव के खिलाफ 21 मार्च 2024 को छापेमारी की गई थी। उस दौरान आरोपियों के घर से 12.50 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई थी और आठ मोबाइल फोन जब्त किए गए थे, जिनमें व्हाट्सऐप चैट्स भी मिलीं, जिनसे अवैध बालू ढुलाई और संदिग्ध लेन-देन का पता चला। मीरा सिंह के खिलाफ ईडी ने ECIIR 8/2025 दर्ज किया है। इससे पहले रांची एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने उन्हें 25 फरवरी 2021 को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था, जिसका मामला अब साक्ष्यों पर लंबित है।
अदालत में अब इस मामले की अगली सुनवाई 16 फरवरी 2026 को होगी। मीरा सिंह को अदालत में पेश होने का आदेश है। प्रशासन और जांच एजेंसियां इस मामले में महत्वपूर्ण सबूत और बयान दर्ज करा रही हैं। इस जांच से यह स्पष्ट होता है कि भूमि और बालू से जुड़े भ्रष्ट गतिविधियों में पुलिस और जमीन कारोबारी समेत कई लोग कथित रूप से शामिल हैं, और ED इन आर्थिक अपराधों के खिलाफ सख्त अनुशासन से कार्रवाई कर रही है।


