उत्तराखंड : हरिद्वार की प्रसिद्ध और पवित्र जगह हरकी पौड़ी की मर्यादा बनाए रखने के लिए श्री गंगा सभा ने अब कड़े कदम उठाए हैं। यहां के दस से ज्यादा स्थानों पर “अहिंदू प्रवेश निषेध क्षेत्र” के बोर्ड लगा दिए गए हैं, ताकि लोग नियमों को साफ-साफ समझ सकें और अनजाने में भी उनका उल्लंघन न करें।
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रील और शूटिंग पर भी रोक
श्री गंगा सभा का कहना है कि हरकी पौड़ी केवल घूमने-फिरने की जगह नहीं, बल्कि आस्था और श्रद्धा का केंद्र है। इसलिए यहां का वातावरण शांत, पवित्र और धार्मिक बना रहना चाहिए। इसी कारण अब हरकी पौड़ी और मालवीय द्वीप क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने, फिल्मी गानों पर रील बनाने या किसी भी तरह की शूटिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अगर कोई व्यक्ति नियम तोड़कर वीडियो बनाता है और उसे सोशल मीडिया पर डालता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लंबे समय से सरकार से मांग
हरिद्वार के संत, तीर्थ पुरोहित और धार्मिक संगठन लंबे समय से सरकार से मांग कर रहे हैं कि पूरे कुंभ क्षेत्र को “अमृत क्षेत्र” घोषित किया जाए। उनका मानना है कि इस क्षेत्र में केवल हिंदू श्रद्धालुओं, सरकारी अधिकारियों, पत्रकारों और स्वयंसेवकों को ही प्रवेश मिलना चाहिए, ताकि सनातन परंपराओं की पवित्रता बनी रहे। गुरुवार रात को हर की पौड़ी, मालवीय द्वीप और अस्थि प्रवाह घाट के आसपास भी ऐसे बोर्ड लगाए गए हैं।
श्री गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने कहा कि यह कोई नया नियम नहीं है। यह व्यवस्था 1916 के म्युनिसिपल एक्ट में पहले से मौजूद है और नगर निगम के नियमों में भी दर्ज है। बोर्ड लगाने का मकसद सिर्फ लोगों को सही जानकारी देना है। इधर तीर्थ पुरोहित उज्जवल पंडित ने भी कहा कि ये नियम पहले से लागू हैं, बस अब इन्हें स्पष्ट रूप से दिखाया गया है, ताकि किसी को भ्रम न हो। उनका मानना है कि अगर सरकार कुंभ क्षेत्र को अमृत क्षेत्र घोषित कर देती है, तो यहां की धार्मिक पहचान और ज्यादा मजबूत होगी और हरकी पैड़ी की पवित्रता हमेशा सुरक्षित रहेगी।


