मुंबई : अभिनेता से नेता बने विजय इन दिनों अपनी आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ को लेकर सुर्खियों में हैं। यह फिल्म 9 जनवरी 2025 को रिलीज होनी थी, लेकिन सेंसर बोर्ड से मंजूरी न मिलने के कारण इसकी रिलीज टल गई। इसके बाद फिल्म के निर्माता कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। पहले मेकर्स ने मद्रास हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां से राहत नहीं मिलने पर वे सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी और उन्हें वापस मद्रास हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि जब मामला पहले से हाईकोर्ट में लंबित है और 20 जनवरी को सुनवाई तय है, तो मेकर्स को सीधे सुप्रीम कोर्ट नहीं आना चाहिए था। कोर्ट ने यह भी कहा कि वह इस मामले में दखल देने के लिए तैयार नहीं है।
फिल्म के वकील मुकुल रोहतगी ने अदालत में कहा कि फिल्म 9 जनवरी को पूरे देश में करीब 5,000 थिएटरों में रिलीज होनी थी और उन्हें भरोसा दिया गया था कि 10 कट के बाद सर्टिफिकेट मिल जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। असल विवाद तब शुरू हुआ जब केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने फिल्म के कई उदृश्यों पर आपत्ति जताई और कुल 27 कट लगाने का सुझाव दिया। मेकर्स को यह मंजूर नहीं था, इसलिए उन्होंने मद्रास हाईकोर्ट में याचिका दायर की। 9 जनवरी को हाईकोर्ट की एकल पीठ ने फिल्म को U/A सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया था, लेकिन केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने इस फैसले को चुनौती दी। इसके बाद हाईकोर्ट ने अपने ही आदेश पर रोक लगा दी और अब अगली सुनवाई 20 जनवरी को तय की गई है।
गौरतलब है कि विजय ने हाल ही में अपनी राजनीतिक पार्टी तमिलग वेत्री कझगम बनाई है, इसलिए ‘जन नायकन’ को उनकी आखिरी फिल्म माना जा रहा है। अब सबकी नजर 20 जनवरी की सुनवाई पर टिकी है, जिससे तय होगा कि फिल्म कब और कैसे रिलीज होगी।


