जम्मू : नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) ने जम्मू स्थित श्री माता वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की MBBS कोर्स की मान्यता रद्द कर दी है। यह कार्रवाई NMC के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) द्वारा की गई है। बोर्ड ने कॉलेज में मानकों के उल्लंघन पाए जाने के बाद 6 जनवरी को यह फैसला लिया। कॉलेज को पिछले साल ही MBBS कोर्स शुरू करने की अनुमति मिली थी। NMC के आदेश के अनुसार, कॉलेज में पढ़ रहे मौजूदा MBBS छात्रों को अन्य मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में स्थानांतरित किया जाएगा, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। आयोग ने साफ किया है कि छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की जाएगी।
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एडमिशन को लेकर पहले से विवाद
इस मेडिकल कॉलेज को लेकर कुछ महीने पहले बड़ा विवाद भी सामने आया था। आरोप लगे थे कि 2025-26 सत्र के पहले MBBS बैच की सीट अलॉटमेंट लिस्ट में 42 मुस्लिम, 7 हिंदू और 1 सिख छात्र का नाम शामिल किया गया। इसके बाद कई हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन कर रहे संगठनों का कहना था कि एडमिशन प्रक्रिया में हिंदू छात्रों की अनदेखी की गई है, इसलिए एडमिशन लिस्ट को तुरंत रद्द किया जाना चाहिए। उनका यह भी तर्क था कि यह कॉलेज माता वैष्णो देवी के भक्तों के चढ़ावे से संचालित होता है, इसलिए हिंदू छात्रों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
निरीक्षण में सामने आईं गंभीर कमियां
मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड के अनुसार, निरीक्षण के दौरान कॉलेज में कई ऐसी कमियां पाई गईं, जो NMC के तय मानकों और शर्तों का उल्लंघन करती हैं। इन्हीं खामियों के आधार पर अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स (MBBS) की मान्यता रद्द करने का निर्णय लिया गया।
पिछले साल ही शुरू हुआ था MBBS कोर्स
कॉलेज ने 5 दिसंबर और 19 दिसंबर 2024 को NMC में आवेदन देकर नया MBBS प्रोग्राम शुरू करने की अनुमति मांगी थी। इसके बाद NMC ने 2025-26 शैक्षणिक सत्र के लिए 50 MBBS सीटों की मंजूरी दी थी। इसी मंजूरी के बाद एडमिशन प्रक्रिया शुरू हुई और धार्मिक आधार पर छात्रों के चयन को लेकर विवाद गहराता चला गया। NMC ने अपने फैसले में साफ किया है कि मान्यता केवल शैक्षणिक और बुनियादी ढांचे से जुड़े मानकों के उल्लंघन के आधार पर रद्द की गई है। आयोग का कहना है कि मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।


