Thursday, July 23, 2026

झामुमो हेमंत सरकार की पीठ थपथपा रही, फिर सरकार पेसा के पारित प्रस्ताव को क्यों छुपा रही : आरती कुजूर

रांची: भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष आरती कुजूर ने झामुमो प्रवक्ता के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। आरती कुजूर ने कहा कि पेसा एक्ट आदिवासी समाज का अधिकार है क्रिसमस गिफ्ट नहीं। क्योंकि क्रिसमस शुरू होने के पहले भी आदिवासी समाज का अस्तित्व था। हेमंत सरकार ने कल कैबिनेट में पेसा कानून की स्वीकृति दी है तो फिर आखिर 24 घंटे बीत जाने के बाद भी निर्णय को सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया है? आखिर निर्णय में कौन सी ऐसी बात है जिसे हेमंत सरकार छुपाना चाहती है।

भाजपा नेता ने कहा कि मीडिया में छपवाई गई खबर पर आखिर जनता और आदिवासी समाज कैसे विश्वास करे। सच्चाई तो यही है कि मीडिया के लोगों को भी निर्णय से संबंधित संलेख उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। एक सरकार के लिए 6 साल का कार्यकाल कम नहीं होता। कब तक कोरोना का रोना रोते रहेंगे। सच्चाई तो यही है कि न्यायालय के सख्त आदेश और भाजपा के आंदोलन ने हेमंत सरकार को कैबिनेट में प्रस्ताव लाने केलिए बाध्य किया है।

कहा कि आदिवासी समाज के हित में भाजपा ने कितने ऐतिहासिक फैसले लिए हैं यह जनजाति समाज जानता है। झामुमो ने भले छल और धोखे से राज्य की सत्ता हासिल कर ली है इसका मतलब यह नहीं कि आदिवासी समाज हेमंत सरकार में मिल रही पीड़ा,प्रताड़ना को भूल जाएगा। उन्होंने कैबिनेट के निर्णय को सार्वजनिक करने की मांग की।

असली नायक रघुवर दास: संजय जायसवाल

झारखंड सरकार के द्वारा राज्य में पेसा कानून को लागू करने के निर्णय पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता संजय जायसवाल ने कहा कि राज्य में पेसा कानून को लागू किये जाने का सबसे पहला श्रेय अगर किसी को दिया जाना चाहिए तो वह है झारखंड़ के पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास।उन्होंने इस कानून को ज़मीन पर उतारने के लिए स्पष्ट दृष्टि, साहस और संकल्प के साथ खड़े रहे।

उन्होंने कहा कि जब झारखंड के अधिकांश नेता इस कानून को लेकर असमंजस में थे, तब रघुवर दास जी ने राज्य के कोने-कोने में चौपाल लगाकर आदिवासी समाज के बीच जाकर पेसा कानून लागू करने की खुलकर वकालत की थी। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने 2018 में ही लागू करने की दिशा में ठोस पहल की थी। उनके निर्देश पर ही पेसा का प्रारूप तैयार किया गया था, लेकिन कुछ आदिवासी संगठनों द्वारा मामला उच्च न्यायालय में ले जाने के कारण प्रक्रिया बाधित हुई।

इसके बाद सरकार बदली और दुर्भाग्यवश हेमंत सरकार ने इस महत्वपूर्ण विषय को ठंडे बस्ते में डाल दिया। उन्होंने कहा आज जब हाई कोर्ट के द्वारा हेमंत सरकार इस कानून को लागू करने में हो रही देरी पर फटकार लगी तब जाकर सरकार की नींद टूटी।

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एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
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