Sunday, September 20, 2026

झारखंड विधानसभा की कार्यवाही के दौरान जब आपस में ही भिड़ गए कांग्रेस विधायक दल के नेता और मंत्री

रांची : झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र जारी है. मंगलवार को विधानसभा में सरकार का 7721 करोड़ का दूसरा अनुपूरक बजट पास हो गया. पास होने के पहले सदन में भोजनावकाश के बाद पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने लगभग साढ़े तीन घंटे तक इस पर चर्चा की. इस बीच सदन में सोमवार के बाद मंगलवार को एक ऐसी घटना हुई जिससे कांग्रेसी सकते में हैं.

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान भिड़े दोनों नेता

दरअसल ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने झारखंड में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सवालों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री डा. इरफान अंसारी से चार सवाल पूछे, जिसमें मुख्य रूप से ब्लड ट्रांसफ्यूजन की सरकारी व्यवस्था किस स्तर पर है और क्या यह निःशुल्क है, इसके जबाब में स्वास्थ्य मंत्री ने सभी अस्पतालों में इसके होने की बात कही तो प्रदीप यादव ने मंत्री पर गोलमोल जबाब देने और असली सवालों को टालने का आरोप लगाया.

इस दौरान प्रदीप यादव ने कहा कि मुख्य सचेतक की बीमार पोती को ब्लड चढ़ाने के लिए 51 हजार रूपए खर्च करने की बात कही तो इसे लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदीप यादव पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया. कुछ देर तक सवाल जवाब को लेकर हुए नोकझोंक से सदन में मौजूद दूसरे कांग्रेसी विधायक व मंत्री सकते में नजर आए.

सोमवार को भी भिड़ गए मंत्री व विधायक

इससे पहले सोमवार को भी विधानसभा की कार्यवाही के दौरान प्रदीप यादव ने जहां स्वास्थ्य विभाग में गड़बड़ियों के कारण नुकसान होने का मामला उठाया, वहीं मंत्री डा. इरफान अंसारी ने बातों को झूठ का पुलिंदा करार दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चलती सभा में ऐसी बातें उठाने के पूर्व विधायक दल के नेता को बात कर लेनी चाहिए थी। इससे सरकार के खिलाफ माहौल बनाने में विपक्ष को मदद मिल रही है।

मामला अनुशासन का नहीं

इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के शव महतो कमलेश ने दाेनों नेताओं को इस तरह के विवाद से बचने को कहा है और यह भी कहा कि दोनों को हालांकि प्रदेश कांग्रेस प्रभारी की बात माननी चाहिए। पूरे प्रकरण को कांग्रेस अनुशासन समिति के दायरे से बाहर का बताया जा रहा है और यही कारण है कि अभी तक कुछ कार्रवाई की सुगबुगाहट नहीं है। अनुशासन समिति के अध्यक्ष डा. रामेश्वर उरांव ने बताया कि मामले में अभी कहीं से कोई शिकायत नहीं आई है। मामला अनुशासन का बनता भी नहीं है। विधानसभा की गतिविधियों में कोर्ट भी हस्तक्षेप नहीं करता है। पार्टी भी ऐसे हस्तक्षेप नहीं करेगी।

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एयर नाऊ स्पेशल

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