Wednesday, July 22, 2026

झारखंड विधानसभा का शुक्रवार से शीतकालीन सत्र, 750 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू

झारखंड : झारखंड विधानसभा का शीतकालीन सत्र कल से शुरू होने जा रहा है। सत्र को लेकर विधानसभा और प्रशासन दोनों ही स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। इससे पहले गुरुवार को स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने सभी दलों के विधायक दल के नेताओं और प्रतिनिधियों की बैठक दोपहर 1 बजे अपने कार्यालय कक्ष में बुलायी है। बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी सहित सभी दलों के नेता शामिल होंगे। स्पीकर के साथ होने वाली इस बैठक के बाद दोपहर ढाई बजे विधानसभा की पत्रकार दीर्घा समिति की बैठक भी आयोजित की जाएगी।

सत्र को सुचारू चलाने की तैयारी

बुधवार को स्पीकर ने अपने कार्यालय में विभागीय पदाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देश दिया कि शून्यकाल के दौरान दी गई लंबित सूचनाओं का जवाब उपलब्ध कराया जाए। स्वीकृत ध्यानाकर्षण सूचनाओं के उत्तर समय पर दिए जाएं। इस बैठक में संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर, मुख्य सचिव और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। रांची जिला प्रशासन के अधिकारी भी इस बैठक में शामिल हुए।

सत्र के मद्देनजर लागू की गई निषेधाज्ञा

विधानसभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में 5 दिसंबर सुबह 8 बजे से 11 दिसंबर रात तक निषेधाज्ञा लागू रहेगी। यह आदेश उपायुक्त और अपर जिला दंडाधिकारी (विधि-व्यवस्था) के संयुक्तादेश के आधार पर सदर अनुमंडलाधिकारी ने जारी किया है।

निषेधाज्ञा के तहत किसी भी तरह के जुलूस, रैली, धरना या प्रदर्शन पर प्रतिबंध रहेगा। पांच या पांच से अधिक लोग एक स्थान पर नहीं जुट सकेंगे। अस्त्र-शस्त्र या किसी भी तरह के हथियार लेकर चलना मना होगा।ध्वनि विस्तारक यंत्र का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा। यह आदेश हाईकोर्ट परिसर को छोड़कर बाकी पूरे क्षेत्र में प्रभावी रहेगा।

सुरक्षा और व्यवस्था पर विशेष ध्यान

सत्र के दौरान किसी भी अवांछित घटना को रोकने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि विधानसभा का कार्य सुचारू ढंग से चल सके और सदस्यों के प्रश्नों और सूचनाओं का उत्तर समय पर उपलब्ध कराया जाए। शीतकालीन सत्र में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है, इसलिए सरकार और विपक्ष दोनों की नजरें इस सत्र पर टिकी हुई हैं।

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एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
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