देश : संसद के शीतकालीन सत्र में पहले दो दिन जोरदार हंगामा और विपक्ष का विरोध देखने को मिला। SIR (सिक्योर इलेक्शन रजिस्ट्रेशन) और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर विपक्ष लगातार चर्चा की मांग करता रहा। हालांकि, मंगलवार शाम को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और सभी दलों की बैठक के बाद यह सहमति बनी कि बुधवार को सदन शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जाएगा। सत्र के दौरान कई बड़े और अहम बिल पेश किए जाने हैं, जिनमें एटॉमिक एनर्जी बिल और हायर एजुकेशन कमीशन बिल शामिल हैं। संसद के शीतकालीन सत्र का तीसरा दिन यानी आज 11 बजे से शुरु हो गया है। अब देखना यह होगा कि क्या विपक्ष आज भी हंगामा करेंगे या कार्यवाही शांतिपूर्ण तरीके से चलेगा।
Highlights:
संसद में हंगामे के दो दिन
शीतकालीन सत्र के पहले दिन ही विपक्ष ने SIR और वोट चोरी के आरोपों पर जोरदार हंगामा किया। विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग कर रहा था। दोनों सदनों में वोट चोर-गद्दी छोड़ जैसे नारे भी लगे, जिसके कारण कार्यवाही बार-बार बाधित हुई।
दूसरे दिन भी विपक्ष का विरोध जारी रहा। मकर द्वार के सामने विपक्षी दलों ने SIR के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे भी शामिल हुए। लगातार विरोध के चलते सदन की कार्यवाही ठीक से चल नहीं सकी।
लोकसभा अध्यक्ष की हस्तक्षेप के बाद बने हालात शांत
लगातार दो दिन के तनावपूर्ण माहौल के बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सभी पक्षों को बैठक के लिए बुलाया। इस बैठक में तय हुआ कि बुधवार को सदन बिना किसी शोर-शराबे के चलेगा और महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।
कांग्रेस नेता के. सुरेश ने बताया कि 9 दिसंबर को चुनावी सुधारों (इलेक्टोरल रिफॉर्म्स) पर 10 घंटे लंबी बहस होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बहस की शुरुआत करेंगे। इसके अलावा 8 दिसंबर को वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर भी 10 घंटे की चर्चा आयोजित की जाएगी।
संचार साथी ऐप पर विपक्ष का विरोध
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने लोकसभा में संचार साथी ऐप को लेकर स्थगन प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि दूरसंचार विभाग ने आदेश दिया है कि मोबाइल फोन कंपनियां और आयातक संचार साथी ऐप को फोन में पहले से इंस्टॉल करें और इसे हटाया न जा सके।
रेणुका चौधरी के मुताबिक, यह लोगों की गोपनीयता का उल्लंघन है और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाले व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे ऐप से निगरानी बढ़ेगी और लोगों की बातचीत व गतिविधियों पर सरकार को लगातार नजर रखने का अवसर मिल जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इसके लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए गए हैं और न ही कोई संसदीय निगरानी का प्रावधान है।
सत्र में पेश होंगे 10 बड़े बिल
लोकसभा बुलेटिन में पहले ही बताया गया था कि शीतकालीन सत्र में 10 अहम बिल पेश किए जाएंगे। इनमें कुछ बिल देश की ऊर्जा प्रणाली, शिक्षा व्यवस्था और आर्थिक सुधारों से जुड़े हुए हैं।
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एटॉमिक एनर्जी बिल
सबसे महत्वपूर्ण बिल एटॉमिक एनर्जी बिल है। इसके तहत पहली बार भारतीय और विदेशी निजी कंपनियों को भारत में न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाने की अनुमति देने का प्रस्ताव है। अभी तक परमाणु ऊर्जा संयंत्र केवल सरकारी कंपनियां जैसे NPCIL ही बनाती और चलाती रही हैं। नए बिल के बाद निजी क्षेत्र न्यूक्लियर सेक्टर में प्रवेश कर पाएगा, जिससे इस क्षेत्र में तकनीकी विकास और उत्पादन क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
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हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया बिल
सरकार उच्च शिक्षा में बड़ा सुधार लाने के लिए यह बिल ला रही है। इसमें UGC, AICTE और NCTE जैसे तीनों महत्वपूर्ण संस्थानों को समाप्त कर उनकी जगह एक ही राष्ट्रीय कमीशन बनाने की योजना है। सरकार का कहना है कि इससे कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को अधिक स्वतंत्रता मिलेगी और उच्च शिक्षा अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगी।
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नेशनल हाईवे (संशोधन) बिल
इस बिल का उद्देश्य जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाना है, ताकि हाईवे प्रोजेक्ट्स में देरी न हो।
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कॉर्पोरेट कानून में सुधार
सरकार कॉर्पोरेट लॉ (अमेंडमेंट) बिल, 2025 ला रही है। यह कंपनी अधिनियम 2013 और LLP अधिनियम 2008 में बदलाव कर कारोबार करना आसान बनाएगा।
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सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड बिल
यह बिल तीन अलग-अलग बाजार कानूनों में सेबी एक्ट, डिपॉजिटरीज एक्ट और सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स एक्ट को मिलाकर एक सरल कानून तैयार करेगा।
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संविधान का 131वां संशोधन
इस संशोधन के तहत चंडीगढ़ को संविधान के आर्टिकल 240 के दायरे में लाने का प्रस्ताव है। इससे केंद्र सरकार को चंडीगढ़ के लिए नियम बनाने की अधिक शक्तियां मिलेंगी।
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मध्यस्थता कानून में संशोधन
ऑर्बिट्रेशन एंड कॉन्सीलिएशन (अमेंडमेंट) बिल, 2025 झगड़ों के निपटारे की प्रक्रिया को आसान करेगा। इसका उद्देश्य है कि विवाद वर्षों तक कोर्ट में न लटकें और कंपनियों के खिलाफ मामलों का समाधान जल्दी हो सके।


