नई दिल्ली : संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को विपक्ष ने SIR और चुनावी गड़बड़ी के आरोपों को लेकर लोकसभा में जोरदार हंगामा किया। जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, विपक्षी सांसद नारेबाजी करते हुए वेल तक पहुंच गए। विपक्ष लगातार करीब 20 मिनट तक वोट चोर–गद्दी छोड़ के नारे लगाता रहा। इस दौरान स्पीकर ओम बिरला ने प्रश्नकाल जारी रखने की कोशिश की, लेकिन बढ़ते हंगामे को देखते हुए उन्होंने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी थी लेकिन हंगामा तेज होने के कारण कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करना पड़ा।
कार्यवाही से पहले विपक्षी दलों ने सुबह 10:30 बजे संसद परिसर में मकर द्वार के सामने लगातार दूसरे दिन प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि सरकार SIR मुद्दे पर तुरंत चर्चा करे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए विरोध और प्रदर्शन जरूरी हैं।
सत्र के पहले दिन भी SIR और वोट चोरी के आरोपों को लेकर दोनों सदनों में भारी हंगामा हुआ था। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में कहा था कि सरकार SIR और चुनावी सुधारों पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से अपील की थी कि इस चर्चा पर समय सीमा न लगाई जाए।
सूत्रों के मुताबिक विपक्ष ने सुझाव दिया है कि सरकार चाहे तो SIR शब्द की जगह इलेक्टोरल रिफॉर्म या किसी अन्य नाम से चर्चा का विषय सूचीबद्ध कर सकती है। माना जा रहा है कि सरकार इस प्रस्ताव पर सहमत हो सकती है और इसे बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में रख सकती है।


