विदेश : वॉशिंगटन डीसी में बुधवार शाम हुए फायरिंग के एक गंभीर मामले ने पूरे अमेरिका में चिंता बढ़ा दी है। व्हाइट हाउस से मात्र दो ब्लॉक दूर हुई इस घटना में नेशनल गार्ड्स के दो सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि मौके पर मौजूद एक अन्य गार्ड ने बहादुरी दिखाते हुए हमलावर को काबू कर लिया। फायरिंग के तुरंत बाद सुरक्षाबलों ने इलाक़े को घेर लिया और संदिग्ध को अस्पताल ले जाया गया।
FBI ने बताया कि गिरफ्तार किए गए हमलावर की पहचान रहमानुल्लाह लाकनवाल के रूप में हुई है। वह अगस्त 2021 में अफगानिस्तान से अमेरिका आया था और वर्ष 2024 में उसने शरणार्थी दर्जे के लिए आवेदन किया था, जिसे इसी साल मंजूर किया गया। इस घटना के बाद यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है और अब इसे संभावित आतंकी हमले के कोण से जांचा जा रहा है।

फायरिंग की यह घटना फैरागट वेस्ट मेट्रो स्टेशन के पास हुई, जहां लाकनवाल कुछ देर तक मौजूद रहने के बाद अचानक 2:15 बजे गोलीबारी शुरू कर दी। न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, उसने पहले एक महिला नेशनल गार्ड को सीने में और फिर सिर में गोली मारी। इसके बाद उसने दूसरे गार्ड पर भी फायरिंग की। उसी समय पास में उपस्थित तीसरे गार्ड ने तेजी दिखाते हुए हमलावर को पीछे से पकड़ लिया। नियंत्रित किए जाने से पहले लाकनवाल खुद भी चार गोलियों से घायल हो गया था। जब उसे एम्बुलेंस में ले जाया गया, तो वह लगभग बिना कपड़ों के था, जिससे घटनास्थल पर मौजूद लोगों में हलचल मच गई।
अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने इस मामले को आतंकी हमले के तौर पर जांचने की पुष्टि की है। फायरिंग की घटना के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पेंटागन को निर्देश दिया कि राजधानी में सुरक्षा को और मजबूत किया जाए। इसके लिए 500 अतिरिक्त नेशनल गार्ड्स तैनात किए जाएंगे। ट्रम्प ने बयान जारी करते हुए कहा कि आरोपी को उसके अपराध की बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

Associated Press (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अधिकारी ने बताया है कि घायल नेशनल गार्ड्स में से एक को सिर में गोली लगी है और उसकी हालत गंभीर है। राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने बयान में संदिग्ध को जानवर कहा और कहा कि उसके इस हमले को पूरे देश के खिलाफ अपराध माना जाना चाहिए। उन्होंने लिखा कि नेशनल गार्ड पर हमला मानवता के खिलाफ अपराध है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, लाकनवाल अमेरिका में ऑपरेशन एलाइज वेलकम प्रोग्राम के तहत लाया गया था, कार्यक्रम जिसके जरिए अफगान नागरिकों को अमेरिका में अस्थायी रूप से बसाया जा रहा था। उसे शुरुआत में वॉशिंगटन के बेलिंगहैम क्षेत्र में ठहराया गया था। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, यह हमला उसने अकेले ही किया और अब तक उसके उद्देश्य का पता नहीं चल पाया है। NBC और वॉशिंगटन पोस्ट ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि FBI इसे एक संभावित आतंकी हमले के रूप में देख रही है। इस घटना के बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन की आलोचना करते हुए कहा कि संदिग्ध को अमेरिका लाने की प्रक्रिया बाइडेन प्रशासन के दौरान शुरू हुई थी।
घटना के बाद अमेरिकी इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने बड़ा कदम उठाते हुए अफगान नागरिकों से जुड़ी सभी इमिग्रेशन प्रक्रियाओं को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया है। एजेंसी ने X (ट्विटर) पर कहा कि सुरक्षा जांच और बैकग्राउंड वेटिंग सिस्टम की दोबारा समीक्षा की जाएगी, और तब तक किसी भी अफगान नागरिक की इमिग्रेशन रिक्वेस्ट आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। USCIS ने साफ कहा कि अमेरिकी जनता की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और यही कारण है कि यह कदम उठाया गया।
वॉशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड की तैनाती पिछले कई महीनों से राजनीतिक बहस का विषय बनी हुई है। अपराध के बढ़ते मामलों के चलते ट्रम्प प्रशासन ने अगस्त में डीसी पुलिस को फेडरलाइज किया था और 8 राज्यों के नेशनल गार्ड्स की सहायता ली थी। हालांकि फेडरलाइजेशन का आदेश एक महीने बाद समाप्त हो गया, लेकिन सैनिकों की तैनाती जारी रही।
ये भी पढ़े : दिल्ली ब्लास्ट केस में NIA को मिले दो बड़े सुराग, डॉक्टर मुजम्मिल के तीन ठिकाने उजागर
इसी बीच पिछले हफ्ते एक संघीय जज ने डीसी में नेशनल गार्ड की तैनाती समाप्त करने का आदेश दिया था, लेकिन अपील की संभावना के कारण आदेश को 21 दिनों के लिए रोका गया। उसी अवधि में यह फायरिंग की घटना सामने आई, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां अब हमलावर की पृष्ठभूमि, उसके संपर्कों और संभावित उद्देश्यों की गहराई से जांच कर रही हैं। घटना में घायल नेशनल गार्ड्स का अस्पताल में इलाज जारी है, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। पूरे वॉशिंगटन डीसी में सतर्कता बढ़ा दी गई है और व्हाइट हाउस के आसपास सुरक्षा और मजबूत कर दी गई है।


