Thursday, July 23, 2026

बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल की स्थिति पर झारखंड हाईकोर्ट सख़्त, जेल में सुधार को लेकर दिए निर्देश

रांची : झारखंड हाईकोर्ट ने राजधानी स्थित बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में व्याप्त अव्यवस्था और दुर्दशा पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई तक एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई में 5 जनवरी 2026 को निर्धारित की गई है। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने कोर्ट के स्वत: संज्ञान से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश जारी किया है।

दरअसल, यह मामला एक बंदी/कैदी ब्यूटी बाउरी की शिकायत/ग्रीवांस के संबंध में रांची जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के सचिव की जांच रिपोर्ट के आधार पर शुरू किया गया था। जांच रिपोर्ट में डीएलएसए रांची के सचिव द्वारा जेल के प्रबंधन और बुनियादी ढांचे में कई खामियां बताई गई है। जेल में कर्मचारियों की कमी,कुछ क्षेत्रों में अपर्याप्त प्रकाश व्यवस्था,सीसीटीवी निगरानी की सीमित कवरेज,अलग-थलग वार्डों में अनौपचारिक बैठक पैसों का लेनदेन आदि विषयों पर जांच और सुधार की आवश्यकता बताई गई है।

डीएलएसए की रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को कई निर्देश जारी किए हैं, इनमें दो दिनों के भीतर एक नियमित जेल अधीक्षक की पोस्टिंग सुनिश्चित करने को कहा है । पूरे राज्य की जेलों के परिसर में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और व्यापक सीसीटीवी निगरानी कवरेज सुनिश्चित करने को कहा है। इसके अलावा यह सुनिश्चित करने को कहा है कि जेल में सिगरेट, पान मसाला, तंबाकू उत्पाद, मोबाइल फोन, ब्लूटूथ ईयरफोन, यू.एस.बी. केबल, मोबाइल चार्जर वायर, मोबाइल चार्जर या उनके एक्सेसरीज की कोई आपूर्ति न हो।

साथ ही राज्य के सभी डीएलएसए के सचिवों को निर्देश दिया गया है कि वे जेल मैनुअल के अनुसार प्रतिबंधित वस्तुओं के जेल में प्रवेश को रोकने के लिए औचक निरीक्षण करें। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि जेल के अंदर कैदियों के लिए कोई कॉटेज या कॉटेज का ढांचा बनाने की अनुमति न दी जाए।

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर