विदेश : दुबई के एयर शो में भारतीय वायुसेना तेजस फाइटर जेट क्रैश हो गया। हादसा अल मकतूम एयरपोर्ट पर जारी एयर शो में एक डेमो फ्लाइट के दौरान हुआ। न्यूज एजेंसी के अनुसार शुक्रवार यानी 21 नवंबर को दुबई के समय के मुताबिक दोपहर करीब 2:10 बजे और भारतीय समय के मुताबिक लगभग 3.40 बजे यह हादसा हुआ। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि हादसे के दौरान तेजस विमान का पायलट खुद को इजेक्ट कर पाया या नहीं। एयर शो के दैरान भारतीय विमान तेजस के गिरते ही उसमें आग लग गई और हवाई अड्डे के ऊपर काले धुएं उड़ने लगे। हादसे के बाद भारतीय वायुसेना ने लड़ाकू विमान तेजस के क्रैश होने के कारणों की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी बैठा दी है।
वायुसेना का तेजस जेट क्रैश होने की यह दूसरी घटना सामने आई है। इससे पहले 2024 में राजस्थान के पोकरण में युद्धाभ्यास के दौरान इंजन फेल होने की वजह से तेजस क्रैश हुआ था। दुबई एयर शो में इंटरनेशनल विमानों का प्रदर्शन किया जाता है। यहां दुनिया की बड़ी एयरोस्पेस कंपनियां, एयरलाइंस, एयर फोर्सेज और टेक्नोलॉजी कंपनियां अपने नए विमान, हेलिकॉप्टर, हथियार सिस्टम और एरोस्पेस टेक्नोलॉजी की कमाल दिखाती हैं। दुबई में हो रहे पांच दिन के एयरशो का शुक्रवार यानी 21 नवंबर को आखिरी दिन था।
शो में लगातार तीसरी बार तेजस हुआ शामिल
दुबई एयर शो की शुुरुआत साल 1989 में हुई थी। इसे दुबई के अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट में हर दो साल में आयोजित किया जाता है। यह शो में लगातार तीसरी बार है जब तेजस इसमें शामिल हुआ था। घटना होने के बाद कुछ ही मिनटों में रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। दोपहर के समय हुए डेमो के दौरान सबसे ज्यादा वहां मौजूद लोगों की भीड़ लग गई थी। हालांकि इस हादसे के बाद दुबई में हो रहे एयर शो को रोक दिया गया। घटने के बाद वहां मौजूद सभी लोगों को एक्जिबिशन एरिया से बाहर निकाल दिया गया।
आपको बता दें, कोर्ट ऑफ इनक्वायरी एक औपचारिक जांच समिति होती है। जहां तीनों सेनाओं से जुड़ी किसी भी गंभीर घटना, विमान हादसे, दुर्घटना, मौत या ऑपरेशन में चूक की असली वजह का पता लगाया जाता है। ये कोर्ट ऑफ इनक्वायरी सिर्फ जांच करती है। अगर इसमें अगर कोइ बड़गड़ी पाई जाती, तो आगे की कार्रवाई दूसरी प्रक्रिया से होती है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 नवंबर 2022 को बेंगलुरु में तेजस फाइटर प्लेन में उड़ान भरी थी। किसी भारतीय प्रधानमंत्री की फाइटर प्लेन में यह पहली उड़ान थी। तेजस में उड़ान भरने से पहले मोदी बेंगलुरु स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) भी पहुंचे थे।


