पलामू : झारखंड पुलिस ने जिले में ड्रग्स और संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पलामू पुलिस ने मेदिनीनगर रेलवे स्टेशन के पास से 6.523 किलोग्राम अवैध अफीम बरामद कर एक ड्रग तस्कर अभिषेक कुमार को गिरफ्तार किया है। बरामद अफीम की कीमत अंतरराष्ट्रीय एंटी-क्राइम ब्यूरो (ACB) के आंकड़ों के अनुसार लगभग 30 लाख रुपये आँकी गई है। गिरफ्तार आरोपी केवल ड्रग तस्करी तक ही सीमित नहीं था, बल्कि वह पश्चिम बंगाल के विधाननगर में हुए एक 18 लाख रुपये के साइबर ठगी मामले में भी वांछित था।
Highlights:
ऑपरेशन: कार से हो रही थी ड्रग्स की डिलीवरी
पलामू एसपी रीष्मा रमेशन ने इस बड़ी कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि उन्हें रेलवे स्टेशन इलाके में कार से अफीम की बड़ी खेप की डिलीवरी होने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही डीएसपी राजीव रंजन के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई और इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
बरामदगी: सर्च ऑपरेशन के दौरान एक संदिग्ध कार को रोका गया। कार के भीतर बैठे आरोपी के बैग की तलाशी लेने पर 6.523 किलो अफीम बरामद हुई।
मूल्यांकन: एसपी के अनुसार, ACB के डेटा के आधार पर 1 किलो अफीम की कीमत ₹5 लाख है, जिससे कुल बरामदगी का मूल्य लगभग ₹30 लाख है।
जाँच में खुलासा हुआ कि यह खेप चैनपुर थाना क्षेत्र के बंदुआ निवासी अभिषेक कुमार ने पलामू-चतरा सीमा से खरीदी थी और इसे छह पैकेटों में पैक कर अलग-अलग दामों पर ग्राहकों को डिलीवर करने की योजना थी।
ड्रग तस्करी और साइबर क्राइम का गठजोड़
इस मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि गिरफ्तार ड्रग तस्कर अभिषेक कुमार एक हाई-प्रोफाइल साइबर क्राइम केस का आरोपी भी है।
बंगाल का वांछित: अभिषेक कुमार पश्चिम बंगाल के विधाननगर साइबर क्राइम पुलिस द्वारा 18 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में वांछित था।
ठगी का तरीका: ठगी में टेलीग्राम, फर्जी क्रिप्टो निवेश और डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल किया गया था, जो दिखाता है कि यह अपराधी ड्रग्स और डिजिटल अपराध दोनों के नेटवर्क से जुड़ा था।
एसपी रमेशन ने बताया कि पलामू पुलिस ने तत्काल पश्चिम बंगाल पुलिस से संपर्क साधा है ताकि अभिषेक कुमार के गहरे आपराधिक इतिहास और झारखंड-बंगाल-बिहार-ओडिशा तक फैले उसके नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
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पुलिस ने आरोपी को अफीम तस्करी और साइबर अपराध की गंभीर धाराओं के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उसकी मोबाइल और बैंक लेनदेन की गहन जाँच की जा रही है। यह कार्रवाई झारखंड में ड्रग्स और साइबर अपराध के खतरनाक गठजोड़ पर पुलिस का सबसे बड़ा प्रहार है।


