बिहार : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को जदयू विधायक दल का नेता चुना गया है। मुख्यमंत्री के आवास पर नवनिर्वाचित जदयू विधायकों की हुई बैठक में नीतीश कुमार को नेता चुना गया. उनके चयन पर जदयू नेता कोमल सिंह ने कहा, “मैं बहुत खुश हूं कि एनडीए ने बिहार में बड़ी जीत हासिल की है। एक महिला होने के नाते, मुझे बहुत गर्व है कि बिहार को फिर से नीतीश कुमार लीड करेंगे.” वहीं जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि दोपहर 3 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में एनडीए विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नीतीश कुमार को एनडीए गठबंधन दल का नेता चुना जाएगा। शाम को गवर्नर से मुलाकात कर सरकार बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी.
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उधर भाजपा ने भी विधायक दल के नेता और उपनेता का मनोनयन कर लिया है. निवर्तमान उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को नेता और विजय सिन्हा को उपनेता चुना गया है। भाजपा द्वारा चुना गया विधायक दल का नेता अब उपमुख्यमंत्री पद का प्रमुख चेहरा होगा, जबकि उपनेता के रूप में तय किया गया नाम दूसरे उपमुख्यमंत्री के रूप में कैबिनेट में शामिल होगा। दोनों नेताओं के चयन से पार्टी ने यह संदेश भी स्पष्ट किया है कि सरकार में भाजपा का योगदान और हिस्सा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और प्रभावी होने वाला है।

इससे पहले केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और अर्जुन राम मेघवाल, UP के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति और पार्टी महासचिव विनोद तावड़े, प्रदेश भाजपा कार्यालय में विधायक दल की मीटिंग में शामिल होने पहुंचे. वहीं अलीनगर विधानसभा क्षेत्र से चुनी गई लोक गायिका मैथिली ठाकुर ने मंत्रिमंडल में शामिल होने के सवाल पर कहा, “मैं पार्टी के आदेश का पालन करूंगी। मुझे बहुत खुशी है कि मुझे यह मौका मिला। शपथ ग्रहण समारोह के बाद बहुत काम करना है।” अलीनगर का नाम बदलने पर उन्होंने कहा कि अभी बहुत काम करना है।
यूं पर्ची पर चुने गए नेता और उपनेता
दोनों नेताओं के चयन से पार्टी ने यह संदेश भी स्पष्ट किया है कि सरकार में भाजपा का योगदान और हिस्सा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत और प्रभावी होने वाला है। सम्राट एवं विजय के प्रस्तावक पार्टी के सबसे वरिष्ठ विधायक प्रेम कुमार के साथ ही राम कृपाल यादव, कृष्ण कुमार ऋषि, संगीता कुमारी, अरुण शंकर प्रसाद, मिथिलेश तिवारी, नितिन नवीन, वीरेन्द्र कुमार, रमा निषाद, मनोज शर्मा एवं कृष्ण कुमार मंटू बने।
भाजपा के भीतर यह भी माना जा रहा है कि बिहार की सामाजिक और जातीय संरचना को ध्यान में रखकर ही इन पदों पर सहमति बनाई गई है। चुनाव में मिली प्रचंड जीत का बड़ा कारण विविध जातीय समूहों का भाजपा के पक्ष में एकजुट होना रहा है।
इसी सामाजिक समीकरण को बनाए रखने और आगे भी उसे सशक्त करने के लिए पार्टी अपने शीर्ष कैबिनेट चेहरों को उसी सोच के अनुसार संयोजित कर रही है। भाजपा की रणनीति साफ है, हर क्षेत्र और हर वर्ग को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए ताकि सरकार पर सबकी भागीदारी का असर दिखे।
केंद्रीय पर्यवेक्षक केपी मौर्य ने दोनों नेताओं को दी बधाई
बीजेपी के केंद्रीय पर्यवेक्षक केपी मौर्य ने दोनों नेताओं को बधाई देते हुए कहा, “सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा की जोड़ी फिट भी है और हिट भी. यह बीजेपी के लिए चौका है – हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और अब बिहार. पार्टी आगे की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है.”
बिहार बीजेपी विधायक दल के नेता चुने गए सम्राट चौधरी ने भी पार्टी का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी देकर पार्टी ने उन पर विश्वास दिखाया है और वे बिहार के विकास के लिए पूरी मेहनत से काम करेंगे.
वहीं, बिहार बीजेपी विधायक दल के उपनेता चुने जाने के बाद विजय कुमार सिन्हा ने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और राष्ट्रीय अध्यक्ष के प्रति धन्यवाद प्रकट करते हैं, जिन्होंने उन पर भरोसा जताया और यह जिम्मेदारी सौंपी.


