झारखंड : झारखंड में आज का दिन इतिहास और गौरव से भरा हुआ है। पूरे राज्य और देश-दुनिया में आज धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती मनाई जा रही है, साथ ही झारखंड राज्य गठन के रूप में अपना 25वां स्थापना दिवस भी मना रहा है। वर्ष 2000 में आज ही के दिन बिहार से अलग होकर झारखंड देश का 28वाँ राज्य बना था। यह दिन राज्य की जनजातीय पहचान, संघर्ष और विकास यात्रा को याद करने का अवसर लेकर आता है। झारखंड के अलग राज्य बनने के 25 वर्ष पूरे होने पर आज राज्यभर में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। इस मौके पर सरकार की ओर से 18 दिनों का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है, जिनमें से आज का मुख्य कार्यक्रम रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित किया जा रहा है।
Highlights:
मुख्य कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्यपाल संतोष गंगवार और विधायक कल्पना सोरेन ने कोकर स्थित धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की समाधि स्थल पर पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके अलावा बिरसा मुंडा पार्क और बिरसा चौक की प्रतिमा पर भी पुष्पांजलि दी गई।
दुल्हन की तरह सजा मोरहाबादी मैदान

राज्य स्थापना दिवस कार्यक्रम के लिए मोरहाबादी मैदान को आकर्षक रूप से सजाया गया है। दोपहर 2 बजे से शुरू होने वाले समारोह में राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सहित कई विशेष अतिथि मौजूद रहेंगे। मंच के सामने लगभग 30 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। मैदान में रंग-बिरंगी रोशनियाँ, झारखंडी कला की झलक और सांस्कृतिक मंचों की विशेष व्यवस्था की गई है। प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर और सुरक्षा जांच के बाद ही लोगों को एंट्री दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कार्यक्रम में भाग लेने वाले आम लोगों और अतिथियों को किसी प्रकार की समस्या नहीं हो। चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत किया गया है। एंबुलेंस और मेडिकल टीमें पूरे समय सक्रिय रहेंगी।

सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम
दिल्ली में हाल ही में हुए ब्लास्ट के बाद सरकार इस कार्यक्रम को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही है। मोरहाबादी मैदान में सुरक्षा के लिए कुल 1000 जवानों की तैनाती की गई है। इसमें जिला पुलिस, जैप, ट्रैफिक पुलिस, RAF, स्निफर डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते शामिल हैं। पूरे क्षेत्र में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी रखी जा रही है।आसपास के इलाकों में RAF और जैप के जवान फ्लैग मार्च कर रहे हैं। भीड़ नियंत्रण, वीआईपी मूवमेंट और आपात स्थितियों के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। सादे वेश में भी पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। झारखंड की 25वीं वर्षगांठ पर यह समारोह न केवल राज्य की संस्कृति और विकास का प्रतीक है, बल्कि राज्यवासियों में नई ऊर्जा और गर्व का संदेश भी देता है।


