रांची : बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में शराब और जीएसटी घोटाले के आरोपी द्वारा डांस पार्टी आयोजित करने का मामला झारखंड हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मामले को गंभीर मानते हुए झारखंड हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया और इसे जेल प्रशासन की बड़ी लापरवाही बताया।
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हाई कोर्ट ने कहा – बेहद शर्मनाक घटना
मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा कि जेल के भीतर इस तरह की गतिविधियां बेहद शर्मनाक और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। कोर्ट ने साफ कहा कि जेल में सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था आखिर कैसे टूट रही है, इसकी पूरी जांच होनी जरूरी है। कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई में जेल महानिरीक्षक (IG Prisons) को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। उनसे पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी भी मांगी गई है। हाई कोर्ट ने जेल प्रशासन को डांस पार्टी से संबंधित वीडियो रिकॉर्डिंग का स्रोत पता करने और जेल में मौजूद CCTV कैमरों का DVR अदालत में प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। कोर्ट का मानना है कि DVR देखने के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
जेल कर्मियों पर कार्रवाई
राज्य सरकार की ओर से अदालत में पेश हुए अधिवक्ता पीयूष चित्रेश ने बताया कि मामले के वीडियो वायरल होते ही जेल आईजी ने तत्काल कार्रवाई की है। डांस पार्टी के समय ड्यूटी पर तैनात जिला प्रभारी (जेलर स्तर के अधिकारी) और एक जमादार को निलंबित कर दिया गया है। सरकार ने कोर्ट को यह भरोसा भी दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
इस मामले में अधिवक्ता राजीव कुमार ने हस्तक्षेप याचिका दाखिल करने की अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए उन्हें मामले में पक्षकार बनने की अनुमति दे दी। कोर्ट ने कहा कि जेल में होने वाली इस तरह की घटनाएं पूरे सिस्टम को शर्मसार करती हैं और इन्हें रोकने के लिए कठोर कदम उठाए जाने आवश्यक हैं।
क्या है पूरा मामला?
बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद शराब और जीएसटी घोटाले का आरोपी सेल में डांस पार्टी करता दिखा। वीडियो में संगीत, डांस और मोबाइल फोन के इस्तेमाल की पुष्टि होती है। यह वीडियो वायरल होने के बाद जेल प्रशासन पर सवाल उठने लगे। जेल में किसी भी तरह के मोबाइल या मनोरंजन उपकरण का इस्तेमाल सख्ती से प्रतिबंधित है।
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अगली सुनवाई मंगलवार को
हाई कोर्ट ने कहा कि जेल के भीतर हो रही ऐसी घटनाएं पूरी व्यवस्था की पोल खोलती हैं और तुरंत सुधार की जरूरत है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई मंगलवार को निर्धारित की है, जिसमें जेल आईजी उपस्थित रहकर विस्तृत जवाब देंगे।


