खेल : क्रिकेट जगत से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व भारतीय क्रिकेटरों सुरेश रैना और शिखर धवन की कुल ₹11.14 करोड़ की संपत्ति मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अटैच कर दी है। यह कार्रवाई वन एक्स बेट (1xBet) नामक अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी साइट से जुड़े जांच केस के तहत की गई है।
ED ने शिखर धवन और सुरेश रैना की जब्त की संपत्ति
ED ने 6 नवंबर को बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (PMLA) के तहत यह कार्रवाई की गई है। एजेंसी ने शिखर धवन की ₹4.5 करोड़ की अचल संपत्ति और सुरेश रैना के ₹6.64 करोड़ के म्यूचुअल फंड को अस्थायी रूप से जब्त (अटैच) किया है। जांच में पाया गया है कि दोनों क्रिकेटरों ने विदेशी कंपनियों के साथ मिलकर वन एक्स बेट (1xBet) और उससे जुड़े अन्य प्लेटफॉर्म्स का प्रचार किया था।
रैना और धवन ने प्रमोशन के बदले विदेशी रास्तों से भुगतान प्राप्त किया
ED के अधिकारियों का कहना है कि रैना और धवन ने प्रमोशन के बदले विदेशी रास्तों से भुगतान प्राप्त किया, जो कथित तौर पर अवैध सट्टेबाजी से कमाए गए धन से जुड़ा था। जांच एजेंसी के अनुसार, इन पैसों को अलग-अलग पेमेंट गेटवे और फर्जी खातों के ज़रिए ट्रांसफर कर उनकी असली पहचान छिपाने की कोशिश की गई।
हजारों फर्जी बैंक खातों के ज़रिए लेनदेन
जांच में यह भी सामने आया है कि 1xBet भारत में हजारों फर्जी बैंक खातों के ज़रिए लेनदेन कर रहा था। अब तक 6000 से अधिक फर्जी खाते ED की जांच में उजागर हो चुके हैं। इन खातों के ज़रिए सट्टेबाजी की रकम को इधर-उधर कर मनी लॉन्ड्रिंग की गई। कई पेमेंट गेटवे बिना KYC प्रक्रिया पूरी किए इन लेनदेन में शामिल पाए गए। यह जांच कई राज्यों की पुलिस द्वारा दर्ज FIR पर आधारित है, जिनमें गैरकानूनी ऑनलाइन सट्टेबाजी और धन शोधन के मामले शामिल हैं। बताया जा रहा है कि रैना और धवन सितंबर 2025 में ED के सामने पेश हुए थे और उनसे पूछताछ की गई थी।
ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी को गैरकानूनी घोषित
सूत्रों के मुताबिक, ED ने इस मामले में युवराज सिंह, रॉबिन उथप्पा, सोनू सूद, उर्वशी रौतेला, मिमी चक्रवर्ती और अंकुश हाजरा जैसे अन्य सेलिब्रिटीज से भी पूछताछ की है, जो इन प्लेटफॉर्म्स से प्रमोशनल गतिविधियों में जुड़े रहे हैं।केंद्र सरकार ने कुछ महीने पहले ही वास्तविक धन पर आधारित ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी को गैरकानूनी घोषित किया था। ED का कहना है कि आने वाले दिनों में इस जांच में और नाम सामने आ सकते हैं।


