न्यूज डेस्क: असम में मंगलवार को नए मंत्रिमंडल का शपथग्रहण हुआ. जिसमें भाजपा नेता हिमंत बिस्व सरमा ने लगातार दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली. उनके साथ 4 और नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली. इनमें भाजपा की सहयोगी पार्टी- बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (बीपीएफ) और असम गण परिषद (एजीपी) के नेता भी शामिल रहे. इसके अलावा हिमंत कैबिनेट में एक 6 बार की महिला विधायक को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई. 4 नेताओं में अतुल बोरा, रामेश्वर तेली, चरण बोरो और अजंता न्योग शामिल है.
Highlights:
जाने कौन है अतुल बोरा
अतुल बोरा असम के प्रमुख नेता और असम गण परिषद के अध्यक्ष हैं. उनका जन्म 7 अप्रैल 1960 को असम के गोलाघाट जिले के बोराही गांव में हुआ था. उन्होंने गुवाहाटी विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में एमए और कानून की डिग्री हासिल की. उन्होंने अपने छात्र जीवन में असम आंदोलन में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था. वे ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) के आयोजन सचिव, महासचिव और बाद में अध्यक्ष बने.
बोरा ने 1995 में असम गण परिषद (एजीपी) के कार्यकर्ता के रूप में मुख्यधारा की राजनीति में प्रवेश किया. उनकी कुल घोषित संपत्ति लगभग 6.87 करोड़ रुपये है, जबकि उनपर लगभग 19.88 लाख रुपये की देनदारी है. इसके साथ ही उनके ऊपर एक आपराधिक मामला दर्ज है, जो लोक सेवक द्वारा आपराधिक विश्वासघात (IPC धारा 409) से संबंधित है, जिस पर फिलहाल आरोप तय नहीं हुए हैं.
हिमंत सरकार में मंत्री बने
पहली बार 1996-2001 तक गोलाघाट निर्वाचन क्षेत्र से विधायक पद पर रहे. वर्तमान में, वे 2016 से लगातार बोकाखाट निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. उन्होंने सर्बानंद सोनोवाल और हिमंत बिस्व सरमा दोनों के मंत्रिमंडलों में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया है. उनके पास कृषि, बागवानी, पशुपालन और पशु चिकित्सा, शहरी विकास और असम समझौते के कार्यान्वयन जैसे महत्वपूर्ण विभाग रहे हैं.
वे 2011-2014 तक पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष रहे और 15 जुलाई 2014 को उन्हें असम गण परिषद का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया. 2026 के विधानसभा चुनावों में बोकाखाट सीट बरकरार रखने के बाद, 12 मई 2026 को उन्होंने हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री के रूप में फिर से शपथ ली है.
कौन है रामेश्वर तेली
रामेश्वर तेली असम में भाजपा के प्रमुख नेता हैं और विशेष रूप से असम के चाय बागान समुदाय के एक कद्दावर नेता माने जाते हैं. उनका जन्म 14 अगस्त 1970 को असम के दुलियाजान में हुआ था. उनके पिता बुधू तेली और माता दुलका तेली है. पिता एक ड्राइवर थे जिससे तेली का बचपन काफी संघर्षपूर्ण रहा. किशोरावस्था में वे स्नैक्स के लिए ब्रेड खरीदने हेतु रतालू और फर्न बेचते थे.
इन कठिन परिस्थितियों के बीच उन्होंने 1989 तक 10वीं कक्षा की शिक्षा प्राप्त की. उनका राजनीतिक जीवन ऑल असम टी ट्राइब स्टूडेंट्स एसोसिएशन के स्थानीय नेता के रूप में शुरु हुआ. पहली बार 2001-2011 तक वे दुलियाजान निर्वाचन क्षेत्र से असम विधानसभा के विधायक पद पर थे. उनकी कुल घोषित संपत्ति लगभग 3.17 करोड़ रुपये है. उनका कानूनी रिकॉर्ड बिल्कुल साफ है.
उन्होंने 2014-2024 तक लोकसभा में डिब्रूगढ़ क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और बाद में अगस्त 2024 में राज्यसभा के सांसद बने. पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल में उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, और श्रम एवं रोजगार मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया. करीब 1 दशक तक संसद में रहने के बाद 2026 के विधानसभा चुनाव में वे फिर से दुलियाजान सीट से जीतकर राज्य की राजनीति में वापस आए. अब उन्होंने सरमा के मंत्रिमंडल में मंत्री पद की शपथ ली.
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कौन है चरण बोरो
चरण बोरो असम के राजनीतिक दल बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट पार्टी के कद्दावर नेता हैं. वे मजबत निर्वाचन क्षेत्र से लगातार तीसरी बार विधानसभा के लिए चुने गए हैं. पिछली सरकार में उन्होंने मंत्रिमंडल में परिवहन मंत्री के रूप में कार्य किया था. चुनावों से पहले भाजपा के बीपीएफ के साथ गठबंधन समझौते के रूप में वे पिछले साल सरमा सरकार में शामिल हुए थे. 46 वर्षीय चरण के एक उच्च-शिक्षित नेता हैं; उन्होंने 2003 में गुवाहाटी विश्वविद्यालय से गणित में मास्टर डिग्री हासिल की. जिसके बाद उन्होंने राजनीति और व्यवसाय को अपना पेशा बनाया. उनके पास लगभग 6.18 करोड़ रुपये की कुल घोषित संपत्ति है और उनके ऊपर लगभग 4.37 करोड़ रुपये की देनदारी है. आपराधिक मामले में उनका रिकॉर्ड बिल्कुल साफ है.
जाने कौन है अजंता न्योग
अजंता न्योग असम भाजपा की प्रमुख महिला जो राज्य में लंबे समय तक विधायक रहने वाली महिला और असम की पहली महिला वित्त मंत्री होने का गौरव रखती हैं. उनका जन्म 1964 में गुवाहाटी में हुआ था. उनके पिता शशधर दास और माता रेवती दास है. आज जिस जालुकबाड़ी सीट से हिमंत चुनाव जीत रहे हैं, कभी उसी सीट से अजंता की मां रेवती विधायक रहीं है.
उनका विवाह नेता और पूर्व मंत्री कर्मश्री नगेन न्योग से हुई थी. 1996 में उल्फा उग्रवादियों ने उनके पति की हत्या कर दी, जिसके बाद ही उन्होंने राजनीति में कदम रखा. वो एक उच्च-शिक्षित नेता हैं. उन्होंने गुवाहाटी विश्वविद्यालय से एमए, एलएलबी और 2001 में एलएलएम की डिग्री हासिल की. राजनीति में आने से पहले उन्होंने कुछ वर्षों तक गुवाहाटी उच्च न्यायालय में एक वकील के रूप में प्रैक्टिस किया. पति की मृत्यु के बाद उन्होंने अपना राजनीतिक सफर कांग्रेस से शुरू किया था और 2020 में वो कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गईं.
6वीं बार बनी विधायक
गोलाघाट निर्वाचन क्षेत्र से वो लगातार अजेय रही हैं. 2001 में पहली बार विधायक बनने के बाद, वो 2006, 2011, 2016, 2021 में भी विजयी हुई और 2026 के विधानसभा चुनाव में जीत के साथ यह उनका छठा कार्यकाल है. उन्होंने असम सरकार में वित्त के साथ-साथ महिला एवं बाल विकास मंत्री के रूप में कार्य किया है. उनकी कुल घोषित संपत्ति लगभग 3.55 करोड़ रुपये है, जिसमें 1.21 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 2.34 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति शामिल है. उनका कोई भी कर्ज या देनदारी नहीं है और न ही उनका कानूनी रिकॉर्ड है.


