न्यूज डेस्क: राजस्थान की राजधानी जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में मंगलवार सुबह एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। जानकारी के अनुसार, आग सुबह करीब 11 बजे आयशा नगर तलाई क्षेत्र में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में लगी। यह फैक्ट्री आईटीआई कॉलेज के पास आबादी वाले इलाके में संचालित की जा रही थी। आग लगते ही फैक्ट्री में मौजूद लोग बाहर भागने लगे, लेकिन कई मजदूर इसकी चपेट में आ गए। जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल और डीसीपी ईस्ट रंजीत शर्मा घटना स्थल पर पहुंच कर घटनाक्रम का जायजा लिया।
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झुलसे मजदूरों का इलाज जारी
अग्निकांड में झुलसे आजीम खान, नासीर खान, समीर खान, बिलाल और अब्दुल वाहिद को जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्लास्टिक सर्जन के अनुसार, अधिकांश घायलों का शरीर 90 प्रतिशत तक झुलस चुका है और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
प्रशासन और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची
एडीएम युगांतर शर्मा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां, एंबुलेंस, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। मामले की जांच के लिए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि फैक्ट्री का संचालन कौन कर रहा था और वहां सुरक्षा नियमों का पालन किया जा रहा था या नहीं। जयपुर कलेक्टर संदेश नायक ने बताया कि किसी ज्वलनशील पदार्थ के कारण आग लगने की आशंका है। वहीं अधिकारियों ने माना कि आबादी वाले इलाके में इस तरह की फैक्ट्री चलाना नियमों के खिलाफ है। घटना के बाद फैक्ट्री को सील कर दिया गया है और मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
विधायक ने सरकार और प्रशासन पर लगाए आरोप
स्थानीय विधायक अमीन कागजी ने इस हादसे के लिए सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आबादी वाले इलाके में लंबे समय से पटाखा फैक्ट्री चल रही थी, लेकिन प्रशासन और पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण लोगों की जान गई है।
पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि फैक्ट्री के लाइसेंस, सुरक्षा व्यवस्था और संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।



