न्यूज डेस्क: पश्चिम बंगाल की पूर्व मख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी का संकट गहराता जा रहा है। पार्टी के बागी सांसदों का एक बड़ा गुट सोमवार को लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर खुद को असली टीएमसी के रूप में मान्यता देने की मांग करेगा। बागी नेताओं का दावा है कि उनके साथ पार्टा के अधिकांश सांसद हैं और ने सांसद में अलग पहचान चाहते हैं।
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सायोनी घोष और माला रॉय दिल्ली रवाना
बागी गुट में शामिल सांसद सायोनी घोष और माला रॉय रविवार को कोलकाता से दिल्ली के लिए रवाना हुईं। हाल ही में ममता बनर्जी ने दोनों नेताओं को पार्टी के महत्वपूर्ण पदों से हटा दिया था। सायोनी घोष को तृणमूल यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर अर्णब बनर्जी को जिम्मेदारी दी गई, जबकि माला रॉय को महिला मोर्चा प्रमुख पद से हटाया गया। यह फेरबदल 12 जून को किया गया था।
लोकसभा स्पीकर के सामने पेश करेंगे दावा
बागी सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने कहा है कि उनका गुट सोमवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात करेगा। गुट का दावा है कि उसके पास 19 से 20 सांसदों का समर्थन है और वह संसद में रियल टीएमसी के रूप में मान्यता चाहता है। बागी नेताओं का कहना है कि इस संबंध में स्पीकर को पहले ही पत्र सौंपा जा चुका है। बागी गुट का दावा है कि TMC के 28 लोकसभा सांसदों में से 20 सांसद उनके साथ हैं। यदि यह दावा सही साबित होता है, तो लोकसभा में ममता बनर्जी के पास केवल 8 सांसद ही बचेंगे। बागी सांसदों ने अलग संसदीय समूह बनाने की मांग भी उठाई है। लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा में भी TMC को नुकसान हुआ है। पार्टी के कई नेताओं ने असंतोष जताया है और कुछ सांसदों ने इस्तीफा देकर पार्टी छोड़ दी है। इससे पार्टी नेतृत्व पर दबाव और बढ़ गया है।
काकोली घोष दस्तीदार के परिवार की नाराजगी
इस राजनीतिक विवाद के बीच सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे बैद्यनाथ ने ममता बनर्जी, महुआ मोइत्रा और कल्याण बनर्जी को कानूनी नोटिस भेजा है। उन्होंने कहा कि न तो उन्होंने और न ही उनकी मां ने बारासात विधानसभा सीट से टिकट की मांग की थी। इस मामले ने पार्टी के अंदर चल रहे मतभेदों को और उजागर कर दिया है। बताया जा रहा है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी को झटका लगने के कुछ ही दिनों बाद असंतोष सामने आने लगा था। बागी सांसदों ने 18 मई को ही लोकसभा स्पीकर को पत्र भेजकर अलग गुट बनाने की इच्छा जाहिर कर दी थी। इस पत्र में सायोनी घोष, काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय और यूसुफ पठान जैसे कई बड़े नेताओं के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
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