Friday, July 31, 2026

भाकपा ने जेपीएससी परीक्षा धांधली मामले में सीबीआई जांच की मांग की, कहा – जांच के दायरे वाले व्यक्ति को बनाया सदस्य

रांची: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, झारखंड राज्य परिषद ने झारखंड लोक सेवा आयोग यानी जेपीएससी में लगातार हो रहे पेपर लीक, फर्जीवाड़ा और करोड़ों की वसूली के मामले को लेकर राष्ट्रपति, झारखंड के राज्यपाल, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजकर अविलंब निष्पक्ष जांच की मांग की है। पार्टी के प्रदेश सचिव महेंद्र पाठक ने कहा कि जेपीएससी की विश्वसनीयता पूरी तरह खत्म हो चुकी है।

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उन्होंने आरोप लगाया कि “जिनकी नियुक्ति ही CBI जांच के दायरे में है, उनमें से ही एक व्यक्ति को जेपीएससी का सदस्य बनाया गया है। ऐसी दशा में कोई भी नियुक्ति कैसे निष्पक्ष रह सकती है? जिस सदस्य की नियुक्ति ही जांच का विषय है, उसे अविलंब जेपीएससी से हटाकर जांच कराई जाए।”

महेंद्र पाठक ने आगे कहा, “झारखंड बनने के 25 साल बाद भी यहां के युवा सरकारी नौकरी के लिए तरस रहे हैं। जेपीएससी जैसी सबसे बड़ी भर्ती संस्था ही भ्रष्टाचार का अड्डा बन गई है। हर परीक्षा के बाद पेपर लीक, उत्तर कुंजी की बिक्री और लाखों-करोड़ों में सीटों की सौदेबाजी की खबरें आती हैं। चोर को ही चौकीदार बना दिया गया है तो दूध की रखवाली कौन करेगा?”

महेंद्र पाठक ने चेतावनी दी कि “अगर सरकार निष्पक्ष जांच की घोषणा नहीं करती और आरोपी सदस्य को नहीं हटाती है तो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी पूरे झारखंड में छात्र-युवाओं के साथ मिलकर सड़क से सदन तक आंदोलन करेगी।”

CPI के अन्य आरोप:

1. जेपीएससी में पिछले 5 सालों में 3 बार पेपर लीक के मामले सामने आए, लेकिन एक भी दोषी पर कार्रवाई नहीं।
2. परीक्षा सेंटर, क्वेश्चन सेटिंग और रिजल्ट बनाने में बड़े पैमाने पर दलाल सक्रिय हैं।
3. करोड़ों की वसूली कर मेधावी छात्रों को बाहर किया जा रहा है।
4. जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया जाता। RTI में भी जानकारी नहीं दी जाती।

CPI की 6 सूत्री मांगें

1. सदस्य को बर्खास्त करो : जांच के दायरे में घिरे जेपीएससी सदस्य को अविलंब पद से हटाया जाए।
2. CBI जांच : जेपीएससी घोटाले की जांच CID से हटाकर CBI को सौंपी जाए।
3. न्यायिक जांच : वैकल्पिक रूप से झारखंड हाईकोर्ट के वर्तमान जजों की कमेटी बनाकर समयबद्ध न्यायिक जांच कराई जाए।
4. सर्वदलीय कमेटी : सभी राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों को शामिल कर सर्वदलीय जांच कमेटी बनाई जाए।
5. दोषियों पर कार्रवाई : घोटाले में शामिल अधिकारी, कर्मचारी, दलाल और राजनेताओं को तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए और उनकी संपत्ति जब्त की जाए।
6. पारदर्शिता और मुआवजा : जेपीएससी की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी हो। पेपर लीक से प्रभावित छात्रों को मुआवजा और फ्री में अगली परीक्षा में मौका दिया जाए।

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एयर नाऊ स्पेशल

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