तेलंगाना : तेलंगाना राज्य के राजापेटा स्थित सामाजिक कल्याण आवासीय विद्यालय से रैगिंग और मारपीट करने की घटना सामने आई है, जहां इंटरमीडिएट यानी 12वीं कक्षा के करीब 20 छात्रों के ग्रुप ने कथित तौर पर 10वीं कक्षा के एक मासूम छात्र पर लाठी और बल्लों से ताबड़तोड़ हमला करना शिरू कर दिया। इस घटना में पीड़ित छात्र समेत उसके 6 जूनियर्स घायल हो गए, इसमें दो की हालत गंभीर है।
दरअसल, यह घटना बिते दिन शनिवार देर रात की बताई जा रही है। तेलंगाना के स्कूल प्रशासन ने इस घटना को चार दिनों तक दबाने की कोशिश की, लेकिन सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद उसके माता-पिता ने कॉलेज के सामने धरना दे दिया और हंगामा मचना शुरू कर दिया। पीड़ित छात्र कक्षा 10वीं में पढ़ता है। वह कक्षा पांच से ही तेलंगाना के राजापेटा आवासीय विद्यालय में पढ़ाई करता था। वह विद्यालय का उप-कप्तान भी है। उप-कप्तान के रूप में उसकी जिम्मेदारी उसके सीनियर्स छात्रों को पसंद नहीं थी। वो इसे यह जिम्मेदारी नहीं देना चाह रहे थे और इसलिए मौका मिलते ही उसे निशाना बनाकर उसके साथ मारपीट की।
बेरहमी से की गई पिटाई
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरमीडिएट के करीब 20 छात्रों की भीड़ ने बल्ले और डंडों से लैस होकर पीड़ित के कमरे (हॉस्टल) में अचानक घुस गए थे। इसके बाद उसे गालियां देने लगे और फिर उसे पीटना शुरू किया। इस दौरान जब पीड़ित के एक दोस्त ने घटना की पूरी वीडियो बनाने की कोशिश तो उसके सीनियर्स ने कमरे का लाइटें बंद कर दिया और बुरी तरह से उसकी पिटाई शुरू कर दी। बल्ले और डंडों से लैस होकर आए उसके सीनियर्स ने पीड़ित को बचाने के लिए आए 10वीं कक्षा के बाकी छात्रों को भी बुरी तरह से पीटा। उस दौरान दो छात्र वहां गंभीर रूप से घायल हो गए। जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए भुवनगिरी के एक अस्पताल में रेफर किया गया है। वहीं, बाकी छात्रों को गुरुकुलम के आंतरिक औषधालय में प्राथमिक उपचार दिया गया।
मामले का खुलासा
शुरू में तो स्कूल प्रबंधन ने इस मामले को दबाने की पूरी कोशिश की। लेकिन यह मामला तब सबके सामने आया जब पीड़िता के माता-पिता लावण्या और सुदर्शन ने सोशल मीडिया पर हमले का विचलित करने वाला वीडियो देखा और तुरंत उसके स्कूल पहुंचे। पीड़ित छात्र के परिजनों ने बेटे की पीठ और छाती पर लगी चोट के निशान दिखाए। परिवार ने छात्र के कॉलेज के सामने लगातार दो घंटे से ज्यादा समय तक धरना दिया और स्कूल के प्रिंसिपल, शिक्षकों और सभी संबंधित छात्रों के खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई की मांग की।


