Monday, October 5, 2026

मुंबई के शिवाजी पार्क में CJP प्रदर्शन को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध, बोले बार बार के आंदोलन से बिगड़ रही शांति

मुंबई के शिवाजी पार्क में 2 अक्टूबर को प्रस्तावित CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को लेकर विवाद बढ़ गया है। प्रदर्शन से पहले ही इलाके के कुछ स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया है। उनका कहना है कि शिवाजी पार्क और उसके आसपास बार बार होने वाले प्रदर्शनों और राजनीतिक गतिविधियों का असर इलाके की सामान्य जिंदगी पर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान भीड़, आवाजाही और दूसरी व्यवस्थाओं के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। कुछ लोगों का यह भी कहना है कि इसका सीधा असर आसपास के कारोबार और दफ्तरों पर पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों ने क्यों CJP पर जताई नाराजगी?

शिवाजी पार्क मुंबई का जाना पहचाना इलाका है और इसके आसपास रिहायशी क्षेत्र के साथ साथ कई दफ्तर और कारोबारी प्रतिष्ठान भी हैं। स्थानीय लोगों की शिकायत है कि जब यहां प्रदर्शन या बड़ी सभा होती है तो सामान्य गतिविधियां प्रभावित होती हैं। एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि उसका ऑफिस शिवाजी पार्क के पास है और प्रदर्शन की वजह से उसे ऑफिस बंद रखना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विरोध प्रदर्शन अपनी जगह है, लेकिन उसका असर उन लोगों पर नहीं पड़ना चाहिए जो इलाके में रहते या काम करते हैं।

स्थानीय लोगों की आपत्ति सिर्फ एक दिन के प्रदर्शन को लेकर नहीं है। उनका कहना है कि इलाके में लगातार होने वाली ऐसी गतिविधियों से शांति और सामान्य माहौल प्रभावित होता है। यही वजह है कि प्रस्तावित CJP प्रदर्शन से पहले स्थानीय स्तर पर विरोध देखने को मिला है।

CJP ने 2 अक्टूबर को प्रदर्शन का ऐलान किया था

CJP ने 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन मुंबई में प्रदर्शन का ऐलान किया था। पार्टी की ओर से यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रस्तावित किया गया है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रदर्शन को लेकर पहले भी बयान दिए हैं और कहा है कि पुलिस की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा।

CJP की ओर से पहले कहा गया था कि अगर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। पार्टी ने देशभर में प्रदर्शन की बात कही थी और मुंबई के शिवाजी पार्क को भी आंदोलन के प्रमुख स्थानों में शामिल किया गया था।

मुंबई पुलिस ने CJP को प्रदर्शन की अनुमति क्यों नहीं दी?

इस पूरे विवाद में एक अहम बात यह भी है कि मुंबई पुलिस पहले ही शिवाजी पार्क में CJP के 2 अक्टूबर के प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति देने से इनकार कर चुकी है। पुलिस ने इसके पीछे कई कारण बताए थे। इनमें हाई कोर्ट के मौजूदा निर्देश, नगर निकाय से जरूरी अनुमति का न होना और ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका शामिल थी।

पुलिस के मुताबिक शिवाजी पार्क रिहायशी इलाके से घिरा हुआ है और इसे साइलेंस जोन के तौर पर भी बताया गया है। ऐसे में बड़ी सार्वजनिक सभा को लेकर ध्वनि प्रदूषण और स्थानीय लोगों की सुविधा से जुड़े सवाल उठते हैं। पुलिस ने यह भी आशंका जताई थी कि प्रदर्शन के कारण आसपास के इलाकों में ट्रैफिक प्रभावित हो सकता है और अस्पतालों की ओर जाने वाले आपातकालीन वाहनों की आवाजाही में भी परेशानी आ सकती है।

पुलिस ने CJP को दूसरी जगह तलाशने को कहा था

मुंबई पुलिस ने CJP को शिवाजी पार्क के बजाय मुंबई में किसी दूसरी जगह प्रदर्शन करने का विकल्प तलाशने की सलाह दी थी। पुलिस का कहना था कि अगर आयोजक किसी दूसरी जगह के लिए आवेदन करते हैं तो सक्षम अधिकारी नियमों और कानून के मुताबिक उस पर विचार कर सकते हैं।

इसके बावजूद CJP की ओर से प्रदर्शन को लेकर तेवर नरम नहीं किए गए। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा था कि अगर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई तो जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। CJP की ओर से इसे प्रदर्शन के अधिकार से जोड़कर भी सवाल उठाए गए।

अब स्थानीय विरोध ने बढ़ाई मुश्किल

शिवाजी पार्क में प्रदर्शन को लेकर अब प्रशासन और आयोजकों के बीच विवाद के साथ स्थानीय लोगों की आपत्ति भी सामने आ गई है। एक तरफ CJP अपने आंदोलन को जारी रखने की बात कह रही है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय लोग प्रदर्शन के कारण शांति, कारोबार और रोजमर्रा की गतिविधियों पर असर पड़ने की शिकायत कर रहे हैं।

ऐसे में 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क और उसके आसपास की स्थिति पर नजर रहेगी। फिलहाल इस पूरे मामले में तीन बातें अहम हैं। CJP का प्रस्तावित प्रदर्शन, मुंबई पुलिस की अनुमति से इनकार और स्थानीय लोगों की ओर से जताई गई आपत्ति। प्रदर्शन को लेकर आगे प्रशासन और आयोजकों के बीच क्या स्थिति बनती है, यह भी महत्वपूर्ण होगा।

 

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एयर नाऊ स्पेशल

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