रांची : झारखंड हाईकोर्ट में राज्य सरकार की ओर से सीआईडी की जांच रिपोर्ट बंद लिफाफे में पेश करने को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। सोशल मीडिया के एक्स हैंडल पर बाबूलाल मरांडी ने लिखा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी, ये बंद लिफाफा क्या बला है? झारखंड के छात्र, बेरोज़गार और आम लोग ही नहीं, देश-दुनिया के लोग भी आपकी चाल, चेहरा और चरित्र देख-समझ रहे हैं। लोग देख रहे हैं कि आपकी CID पहले क्या कर गई थी और अब क्या कर रही है!
इसे भी पढ़ें : प्रस्तावित परिसीमन को लेकर राज्यपाल से मिला आदिवासी प्रतिनिधिमंडल, पाँचवीं अनुसूची के तहत राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजने की मांग
उन्होंने कहा कि जाँच को लटकाने-भटकाने और असली गुनहगारों, लाभ उठाने वालों तथा नौकरी बेचकर मलाई खाने वालों को बचाने के आरोपों का जवाब कहाँ है? कहीं पोल-पट्टी खुलने के डर से तो बंद लिफ़ाफ़े वाला फ़ॉर्मूला नहीं लाया जा रहा? जाँच सही हो रही है तो किस बात का डर? छिपने-छिपाने का यह चूहे-बिल्ली का खेल आख़िर क्यों? CBI जाँच से परहेज़ क्यों?
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री से कहा है कि आप अगर पाक-साफ़ हैं और JPSC-JSSC घोटाले के लाभार्थियों से आपका कोई सरोकार नहीं है, तो बिना विलंब सीबीआई से जाँच कराने की सिफ़ारिश कीजिए। जिन अफ़सरों की भूमिका पर ख़ुद सवाल हैं, जिनके खुद के कार्यकाल का दाग़दार इतिहास है, जो आज भी न जाने क्या-क्या गोरखधंधा कर रहे हैं, उन्हीं की अगुवाई वाली CID जाँच पर जनता आँख मूँदकर भरोसा क्यों करे?
उन्होंने आगे लिखा, “याद रखिए मुख्यमंत्री जी, बेरोज़गारों का भविष्य किसी की जागीर नहीं और सत्ता किसी का चरित्र प्रमाणपत्र नहीं। युवाओं के सवालों का जवाब देना होगा, बंद लिफ़ाफ़ा जवाबदेही का विकल्प नहीं बन सकता। कुर्सी की ताक़त से सवाल टाले जा सकते हैं, कर्मों का हिसाब नहीं। जिन नौजवानों की उम्मीदों पर व्यवस्था ने ताला लगाया है, वे एक दिन सत्ता का दरवाज़ा भी बंद कर सकते हैं!


