हजारीबाग: झारखंड पुलिस के बेड़े में जल्द ही 150 नए इंस्पेक्टर शामिल होने वाले हैं। राज्य पुलिस के 150 सब-इंस्पेक्टरों (SI) के लिए प्रमोशन का रास्ता साफ हो गया है। इंस्पेक्टर पद पर प्रोन्नति पाने से पहले इन अधिकारियों को एक अनिवार्य और कड़ा प्रशिक्षण लेना होगा, जो आगामी 4 मई से हजारीबाग स्थित झारखंड पुलिस अकादमी में शुरू होने जा रहा है। झारखंड पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय ने उन सभी 150 भाग्यशाली एसआई की सूची जारी कर दी है, जिन्हें इस प्रशिक्षण के लिए चुना गया है। विभाग ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी चयनित अधिकारी 3 मई की दोपहर तक अकादमी में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं।
Highlights:
तीन चरणों में होगी ट्रैनिंग
यह ट्रेनिंग महज एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि इसे तीन महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण चरणों में बांटा गया है, ताकि अधिकारी प्रमोशन के बाद अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा सकें:
1. पहला चरण (4 मई – 30 मई): लगभग एक महीने तक चलने वाले इस चरण में अधिकारी हजारीबाग अकादमी के कैंपस में रहकर ट्रेनिंग लेंगे।
2. दूसरा चरण (1 जून – 20 जून): यह फेज सबसे अहम होगा, जिसमें अधिकारियों को जिला स्तर पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यहाँ उन्हें जमीन पर पुलिसिंग की चुनौतियों से निपटना सिखाया जाएगा।
3. तीसरा चरण (22 जून – 27 जून): अंतिम सप्ताह में अधिकारी वापस अकादमी लौटेंगे, जहाँ उनके प्रशिक्षण को अंतिम रूप दिया जाएगा।
किताबों के साथ न्यू लॉ और फील्ड वर्क पर जोर
इस बार की ट्रेनिंग आधुनिक अपराधों और नई चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। अधिकारियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें क्रिमिनल लॉ, जांच की बारीक प्रक्रिया और नए कानूनों के तहत आधुनिक पुलिसिंग का पाठ पढ़ाया जाएगा। इसके अलावा, फील्ड ट्रेनिंग के जरिए उनकी शारीरिक और मानसिक दक्षता को भी परखा जाएगा।
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किन्हें नहीं मिलेगा मौका?
प्रशिक्षण निदेशालय ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रमोशन की इस रेस में केवल क्लीन रिकॉर्ड वाले अधिकारी ही शामिल होंगे। आदेश के अनुसार निलंबित अधिकारी शामिल नहीं हो पाएंगे। पदावनत (Demoted) अधिकारियों को भी मौका नहीं मिलेगा। वे अधिकारी जो प्रशिक्षण की अवधि के दौरान ही सेवानिवृत्त होने वाले हैं, उन्हें भी इस लिस्ट से बाहर रखा गया है।
मकसद- बेहतर पुलिसिंग और नेतृत्व क्षमता
इस ट्रेनिंग का उद्देश्य एसआई को इंस्पेक्टर बनने से पहले और ज्यादा सक्षम, प्रशिक्षित और जिम्मेदार अधिकारी बनाना है। हजारीबाग पुलिस अकादमी पहले भी राज्य पुलिस बल के लिए कई महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करती रही है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद अधिकारियों के प्रदर्शन के आधार पर उनकी प्रोन्नति पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।


