Saturday, September 12, 2026

बोकारो में जंगली हाथियों का उत्पात, दो दिनों में दादा-पोते व दंपती समेत पांच की मौत

बोकारो: झारखंड में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड में हाथियों के हमलों ने ग्रामीणों की जिंदगी को भय के साये में डाल दिया है। बीते दो दिनों में अलग-अलग गांवों में हुए हमलों में पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। हाथियों के अचानक गांव में घुसने से लोग सहमे हुए हैं और रातें डर में कट रही हैं।

दादा-पोते की दर्दनाक मौत

गोमिया प्रखंड के महुआटांड़ पंचायत अंतर्गत गांगपुर गांव में गुरुवार रात हाथियों ने जमकर उत्पात मचाया। हाथियों के हमले में 60 वर्षीय सोमर साव और उनके 8 वर्षीय पोते अमन कुमार (आयुष) की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना से पूरे गांव में कोहराम मच गया।

तीन लोग गंभीर रूप से घायल

इस हमले में सोमर साव के 10 वर्षीय नाती राहुल कुमार, उनकी समधन शांति देवी और 10 वर्षीय राशि कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गईं। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, तीन हाथियों का झुंड गुरुवार देर रात गांव में घुस आया। उस समय गांव में बिजली नहीं थी, जिससे चारों ओर अंधेरा था। हाथियों ने घरों के दरवाजे और दीवारें तोड़ दीं और अंदर मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। लोग घर के भीतर ही थे, तभी हाथी अंदर घुस आए और हमला कर दिया।

एक व्यक्ति लापता

हमले के बाद एक व्यक्ति के लापता होने की भी सूचना है। ग्रामीणों को आशंका है कि हाथी उसे अपने साथ ले गए हैं। वन विभाग और ग्रामीणों की मदद से उसकी तलाश की जा रही है। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और लोग घरों से बाहर निकलने से डर रहे हैं। गोमिया प्रखंड के बड़की पन्नू गांव में भी हाथियों के हमले ने तबाही मचाई। बुधवार देर रात करीब तीन बजे पांच हाथियों का झुंड गांव में घुस आया। हाथियों ने एक घर के आंगन तक पहुंचकर पति-पत्नी समेत एक ही परिवार के तीन लोगों को कुचलकर मार डाला।

जान बचाने की कोशिश में गई जान

हमले के दौरान गंगवा करमाली जान बचाने के लिए घर से बाहर भागे, लेकिन हाथियों ने उन्हें सूंड में लपेटकर पटक दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पति की चीख-पुकार सुनकर उनकी पत्नी कमली देवी बाहर आईं, लेकिन हाथियों ने उन्हें भी कुचल दिया। इसी दौरान गंगवा करमाली की भाभी भगिया देवी भी बचने का प्रयास कर रही थीं, लेकिन एक हाथी ने उन्हें भी कुचल दिया, जिससे उनकी भी मौत हो गई। लगातार हो रहे हाथी हमलों से गोमिया प्रखंड के ग्रामीणों में भारी डर है। लोग वन विभाग से हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने और गांवों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

Big Breaking News: एक करोड़ का इनामी नक्सली मिशिर...

रांची: झारखंड पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है. प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) के सेंट्रल कमेटी सदस्य और...
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर