Thursday, July 23, 2026

भोपाल में मदनी के बयान के खिलाफ VHP और बजरंग दल का पुतला दहन

भोपाल : जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी के हालिया बयान ‘जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा’ को लेकर देशभर में विरोध बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को भोपाल के रोशनपुरा चौराहे पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मदनी के पुतले पर जूते-चप्पलों की माला पहनाई, उस पर जूते फेंके और बाद में पुतला जलाकर अपना गुस्सा व्यक्त किया। संगठनों ने इसे देश, समाज और हिंदू धर्म के खिलाफ दिया गया बयान बताते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

मामला क्या है?

दरअसल, रविवार दोपहर बड़ी संख्या में VHP और बजरंग दल के कार्यकर्ता रोशनपुरा चौराहे पर इकट्ठा हुए। कार्यकर्ता पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचे। मदनी के पुतले पर जूते-चप्पल की माला पहनाई गई। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल तैनात रहा। नारों के बीच पुतला जलाया गया और कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस ने कहा है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और हालात नियंत्रण में रहे।

VHP और बजरंग दल ने  क्या कहा 

VHP के प्रांत सह मंत्री जितेंद्र चौहान ने कहा कि मौलाना मदनी का बयान ‘जिहाद जब तक चलेगा… जुल्म होगा’ देश में नफरत फैलाने वाला है। उन्होंने सवाल उठाया, अगर जुल्म हो रहा है, तो बताएं कि कहां हो रहा है? चौहान ने कहा कि देश आज़ादी से पहले बंटवारे का दर्द झेल चुका है। मुसलमानों को पाकिस्तान दिया गया था, अब उन्हें और कौन सा पाकिस्तान चाहिए? सुप्रीम कोर्ट, वंदे मातरम और देश की परंपराओं पर लगातार आपत्ति जताकर मुस्लिम युवाओं को भटकाया जा रहा है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने भी कहा कि मदनी के बयान से युवाओं को जिहाद के नाम पर उकसाया जा रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है।

कट्टरपंथ बढ़ाने की कोशिश- VHP  

विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि कुछ कट्टरपंथी लोग मुस्लिम युवाओं को जुल्म, जन्नत और जिहाद जैसे नारों से गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे तत्व देश की न्याय व्यवस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान को चोट पहुंचाना चाहते हैं। बंसल ने कहा कि मुस्लिम समाज को भी समय रहते ऐसे लोगों से दूरी बनानी होगी। उन्होंने हलाल के नाम पर अवैध कमाई और उसे कथित तौर पर कट्टरपंथी गतिविधियों में उपयोग करने का आरोप भी लगाया। बंसल ने कहा कि ऐसी कोशिशें अब सफल नहीं होंगी।

जिहाद का मतलब गलत तरीके से पेश किया जा रहा है

भोपाल में शनिवार को जमीयत उलेमा-ए-हिंद की गवर्निंग बॉडी की बैठक में मौलाना महमूद मदनी ने कहा था कि देश में इस्लाम और मुसलमानों को बदनाम करने की कोशिशें बढ़ रही हैं। जिहाद जैसे मुकद्दस शब्द को आतंक और हिंसा से जोड़ना जानबूझकर किया गया काम है। लव जिहाद, लैंड जिहाद, थूक जिहाद जैसे शब्द राजनीतिक लाभ के लिए गढ़े गए। इस्लाम में जिहाद का मतलब अन्याय और ज़ुल्म के खिलाफ संघर्ष है, हिंसा नहीं। जब-जब ज़ुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा। मदनी ने दावा किया कि जिहाद को आतंकवाद के रूप में पेश करना मुसलमानों के खिलाफ गलत धारणा फैलाने का तरीका है।

बयान के बाद सियासी और सामाजिक प्रतिक्रिया तेज

मदनी के भाषण के बाद मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ संगठनों ने उनके बयान को धर्मिक उकसावा बताया है, वहीं मदनी समर्थक इसे शांति और न्याय की लड़ाई का संदेश बता रहे हैं। सरकारी सूत्रों का कहना है कि बयान की पूर्ण वीडियो रिकॉर्डिंग मांगी गई है, ताकि उसके संदर्भ और वास्तविक अर्थ की जांच की जा सके। कुछ संगठनों ने मामले में FIR की मांग भी उठाई है।

स्थिति क्या बन रही है?

बयान को लेकर जारी विवाद आगे भी बढ़ने की आशंका है। हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने कार्रवाई नहीं की तो विरोध और तेज किया जाएगा। मुस्लिम संगठनों का कहना है कि मदनी के बयान को संदर्भ से हटकर देखा जा रहा है। राजनीतिक दल भी इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयान और विरोध देश में धार्मिक तनाव बढ़ा सकते हैं, इसलिए सरकार को संवाद और कानून दोनों स्तर पर कदम उठाने होंगे।

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एयर नाऊ स्पेशल

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