बीजापुर : छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा से सटे बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में दो नक्सली मारे गए हैं। जवानों ने दोनों नक्सलियों के शव और उनके पास से हथियार बरामद कर लिए हैं। फिलहाल मारे गए नक्सलियों की पहचान की जा रही है। इलाके में अब भी सर्च ऑपरेशन जारी है। पुलिस के अनुसार, नक्सली लीडर पापाराव की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों की एक संयुक्त टीम को जंगल क्षेत्र में रवाना किया गया था। इसी दौरान जवानों का सामना नक्सलियों के एक बड़े दल से हो गया और मुठभेड़ शुरू हो गई। शनिवार सुबह से ही दोनों ओर से रुक-रुक कर फायरिंग चल रही है।
बताया गया है कि पापाराव दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का इकलौता सक्रिय सदस्य है और इस इलाके का इंचार्ज भी माना जाता है। मुठभेड़ स्थल से एक AK-47 राइफल समेत अन्य हथियार भी बरामद किए गए हैं। यह ऑपरेशन डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) के जवानों द्वारा चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत किया जा रहा है। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और जंगल में छिपे अन्य नक्सलियों की तलाश तेज कर दी गई है। बीजापुर पुलिस ने एक प्रेस नोट जारी कर बताया कि अभियान अभी जारी है। सुरक्षा कारणों से मुठभेड़ की सटीक जगह, ऑपरेशन में शामिल जवानों की संख्या और अन्य संवेदनशील जानकारियां फिलहाल सार्वजनिक नहीं की जा सकतीं।
पुलिस आंकड़ों के मुताबिक, पिछले डेढ़ साल में नक्सल विरोधी अभियानों में कुल 23 बड़े नक्सली मारे जा चुके हैं। इनमें कई कुख्यात नक्सली कमांडर शामिल हैं। वहीं भूपति, रूपेश और रामधेर जैसे बड़े नक्सलियों ने अपने सैकड़ों साथियों के साथ आत्मसमर्पण भी किया है। फिलहाल नक्सल संगठन के शीर्ष स्तर पर केवल तीन बड़े नेता सक्रिय बताए जा रहे हैं। बस्तर क्षेत्र में पापाराव और देवा जैसे नक्सली अपनी जान बचाने के लिए जंगलों में छिपे हुए हैं। पुलिस और सुरक्षाबल उनकी तलाश में लगातार अभियान चला रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी और क्षेत्र में शांति बहाल करना उनकी प्राथमिकता है।


