रांची: झारखंड की राजधानी रांची में पिछले 24 दिनों से JPSC व JSSC भर्ती परीक्षा धांधली मामले की सीबीआई जांच व 14वें जेपीएससी पीटी परीक्षा समेत जेएसएससी सीजीएल को रद्द करने की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है. रविवार को छात्रों की ओर से सरकार में शामिल दलों के नेताओं हेमंत सोरेन, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का पुतला दहन किया गया तो वहीं आज सोमवार को दोपहर 2 बजे छात्रों के साथ एक बार फिर से वार्ता होगी. वार्ता में छात्रों को अपने विधिक सलाहकार के साथ आने को कहा गया है.
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वार्ता के लिए फिर मिला प्रस्ताव
रविवार को आंदोलनरत छात्रों को उस समय बातचीत का प्रस्ताव मिला, जब वह अपने पूर्व निर्धारित पुतला दहन कार्यक्रम के बाद वापस धरनास्थल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे थे. इस दौरान रांची जिला प्रशासन के अधिकारी एसडीओ रजत कुमार और एडीएम मौके पर पहुंचे. उन्होंने छात्रों से वार्ता कर उन्हें सोमवार दोपहर दो बजे वार्ता के लिए आमंत्रित किया है. यह वार्ता मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में होगी. सरकार की ओर से उच्चस्तरीय मंत्रियों के समूह के वार्ता में शामिल होने की बात कही जा रही है.
कानूनी सलाहकार के साथ होगी वार्ता
अधिकारियों ने छात्रों को बातचीत के दौरान अपने कानूनी सलाहकारों को साथ रखने का विकल्प भी दिया है. बताया जा रहा है कि यह प्रस्ताव छात्रों की मांगों में से एक जेएसएससी सीजीएल को रद्द करने की मांग से जुड़ा है. छात्रों का तर्क है कि हाईकोर्ट के आदेश के तहत जेएसएससी सीजीएल मामले में हुई नियुक्ति प्रक्रिया को सरकार रद्द कर सकती है, हालांकि अब तक सरकार के गठित मंत्री समूह का कहना है कि हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई नियुक्ति को सरकार अपने स्तर से रद्द नहीं कर सकती है, इसके लिए कानूनी विकल्पों पर विचार करने की जरूरत है.
पूर्व में तीन दौर की हो चुकी है वार्ता
बता दें कि आंदोलनरत छात्रों के साथ सरकार की ओर से गठित मंत्रियों के समूह की पूर्व में तीन दौर की वार्ता हो चुकी है. पिछले बार अंतिम वार्ता 10 अगस्त को हुए छात्रों के विधानसभा मार्च के ठीक एक दिन पहले यानी 9 अगस्त को हुई थी जब छात्रों के अलग अलग शिष्टमंडलों के साथ बैठक कर मंत्रियों ने ऐलान किया था कि सरकार छात्रों की 98 फीसदी मांगों को मानने के लिए तैयार है. बाद में छात्रों की मांगों को मानने की घोषणा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 11 अगस्त को विधानसभा के मानसून सत्र में सदन में भी की थी. हालांकि इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक सूचना सार्वजनिक नहीं की गई है और छात्र लगातार अधिसूचना जारी करने की मांग कर रहे हैं.
20 अगस्त को सीएम आवास का घेराव
एक सप्ताह के बाद छात्रों को बातचीत का प्रस्ताव मिलने से पहले हालांकि छात्रों ने बीते शनिवार को अपनी मांगों को 18 अगस्त तक मानने का अल्टीमेटम दिया है. मांगें पूरी नहीं होने पर छात्रों ने 20 अगस्त को सीएम आवास का घेराव करने का ऐलान कर रखा है. छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती है, 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा के साथ साथ जेएसएससी सीजीएल को रद्द नहीं किया जाता है, टीडीपीएल की ओर से आयोजित परीक्षाओं की जांच की घोषणा नहीं होती है, आंदोलन जारी व आक्रामक होगा.
ऐसे में अब सभी की नजर 17 अगस्त की सरकार और छात्रों के बीच होने वाली बैठक पर है. यह बातचीत आंदोलन को शांत करने की दिशा में पहला ठोस कदम साबित होती है या एक बार फिर गतिरोध कायम रहता है, इसका फैसला बैठक के बाद होगा. फिलहाल छात्रों का आक्रोश और सरकार की बातचीत की पहल, दोनों ने इस पूरे विवाद को एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है.