Tuesday, July 21, 2026

टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी, कहा – बागी गुट नहीं मिले अतिरिक्त समय

कोलकाता : तृणमूल कांग्रेस किसकी, के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री व टीएमसी संस्थापक ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर मांग की है कि बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी को संगठनात्मक दावों पर जवाब दाखिल करने के लिए और समय न दिया जाये. ऋतब्रत बनर्जी की अगुवाई वाले बागी गुट ने बीते 2 जुलाई को चुनाव आयोग को पत्र लिखकर असली टीएमसी होने का दावा किया था. बागी गुट ने दावा किया था कि 22 जून के विशेष अधिवेशन के बाद उन्होंने पार्टी संगठन में बदलाव किये हैं. पार्टी ने आयोग से अपील की थी कि उन्हें आधिकारिक रूप से मान्यता प्रदान की जाये.

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ममता बनर्जी का आरोप

निर्वाचन आयोग ने इस विवाद पर ममता बनर्जी और रीतब्रत बनर्जी दोनों पक्षों से जवाब मांगा था. ममता बनर्जी गुट ने निर्धारित समय के भीतर 6 जुलाई को ही अपना विस्तृत जवाब सौंप दिया. रीतब्रत गुट को 10 जुलाई शाम 5:30 बजे तक का अतिरिक्त समय मिला था. ममता बनर्जी ने 12 जुलाई को इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया को एक पत्र लिखा.

इसमें कहा कि 10 जुलाई की तय समयसीमा बीत जाने के 48 घंटे बाद भी रीतब्रत बनर्जी की तरफ से कोई जवाब साझा नहीं किया गया है. जब हमें जवाब देने के लिए केवल ढाई दिन मिले थे, तो समयसीमा खत्म होने के बाद भी ऋतब्रत बनर्जी की ओर से जवाब नहीं मिलने पर आयोग चुप क्यों है. यह दिखाता है कि आयोग का झुकाव ऋतब्रत के दुर्भावनापूर्ण इरादों की तरफ है. उन्होंने आयोग से आग्रह किया कि उनके जवाब पर तुरंत विचार किया जाये और बागी गुट को अब किसी भी परिस्थिति में रियायत या अधिक समय न दिया जाये.

बागी गुट का दावा गलत

इससे पहले निर्वाचन आयोग को सौंपे गये अपने आधिकारिक पत्र में ममता बनर्जी नीत तृणमूल कांग्रेस ने बागी गुट के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया था. पार्टी ने कहा था कि तृणमूल के संविधान के अनुसार, अंतिम संगठनात्मक चुनाव वर्ष 2022 में हुए थे. इसके तहत पार्टी की सभी मौजूदा समितियां और पदाधिकारी वर्ष 2027 तक पूरी तरह वैध हैं. ममता गुट ने कहा कि प्रतिद्वंद्वी गुट का यह तर्क तथ्यात्मक और कानूनी दोनों रूप से बेबुनियाद है कि समितियों का कार्यकाल वर्ष 2025 में समाप्त हो चुका है.

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एयर नाऊ स्पेशल

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