घाटशिला : घाटशिला उपचुनाव के दौरान टाइगर जयराम महतो पर चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप लगा है। उन्होंने प्रचार के समय स्कॉर्पियो गाड़ी के ऊपर बैठकर रैली की, जो सुरक्षा मानकों और नियमों के खिलाफ है। अब उन्हें नोटिस जारी किया गया है और 24 घंटे में जवाब देने को कहा गया है।
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प्रचार के दौरान नियमों की अनदेखी
घाटशिला उपचुनाव में प्रचार अभियान जोरों पर चल रहा है। इसी दौरान जेएलकेएम सुप्रीमो टाइगर जयराम महतो ने एक जनसंपर्क रैली में हिस्सा लिया, जहां वे स्कॉर्पियो वाहन के ऊपर बैठकर लोगों से मुलाकात कर रहे थे। रैली में समर्थकों की भीड़ भी काफी ज्यादा थी। लेकिन इस दौरान उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा तय सुरक्षा दिशा-निर्देशों की अनदेखी की।
प्रशासन ने लिया मामला संज्ञान में
जमशेदपुर के उपायुक्त ने इस पूरे मामले की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की और बताया कि घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में आयोजित रैली के दौरान कुछ लोगों ने चार पहिया वाहन पर बैठकर या खड़े होकर प्रचार किया। यह सीधा-सीधा चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। चुनाव आयोग ने इस पर सख्त रुख अपनाया है और संबंधित उम्मीदवार को नोटिस जारी किया गया है।
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24 घंटे में जवाब देने का आदेश
निर्वाचन अधिकारी ने टाइगर जयराम महतो से 24 घंटे के अंदर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। अगर उन्होंने तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो आयोग कानूनी कार्रवाई करेगा। इसमें FIR दर्ज करने से लेकर प्रचार पर रोक जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।
चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों में साफ है नियम
चुनाव आयोग के अनुसार प्रचार रैली या रोड शो के दौरान किसी वाहन पर खड़ा होना या बैठना प्रतिबंधित है। ऐसा करने से न केवल उम्मीदवार की सुरक्षा को खतरा होता है, बल्कि भीड़ में अफरातफरी और हादसे की संभावना भी बढ़ जाती है। आयोग चाहता है कि चुनाव प्रचार के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन हो।
प्रशासन ने की अपील – नियमों का पालन करें
उपायुक्त ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से अपील की है कि वे प्रचार के दौरान आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि चुनाव सभी के लिए समान और निष्पक्ष माहौल में होना चाहिए। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
झामुमो और भाजपा ने दाखिल किए नामांकन
घाटशिला उपचुनाव में मुकाबला दिलचस्प होता जा रहा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के उम्मीदवार सोमेश सोरेन और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार बाबूलाल सोरेन ने 17 अक्टूबर को नामांकन दाखिल किया। इस दौरान दोनों पार्टियों के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। नामांकन के बाद रैलियों और जनसभाओं के जरिए दोनों ही दलों ने चुनावी माहौल को गरमा दिया।
नामांकन प्रक्रिया और आगे की तारीखें
अब तक घाटशिला उपचुनाव में चार उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। नामांकन की आखिरी तारीख 21 अक्टूबर तय की गई है। 22 अक्टूबर को सभी नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। उम्मीदवार 24 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकते हैं। इसके बाद चुनावी मुकाबले का अंतिम स्वरूप तय हो जाएगा।
सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सख्त नजर
प्रशासन ने चुनावी रैलियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले ही उम्मीदवारों को निर्देश दिए हैं। रैलियों में पुलिस बल की तैनाती की जा रही है। किसी भी प्रकार की अराजकता या नियम उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि चुनाव शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से कराना प्राथमिकता है।
चुनावी माहौल में बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
घाटशिला उपचुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल सक्रिय हैं। जहां झामुमो और भाजपा आमने-सामने हैं, वहीं क्षेत्रीय पार्टियां भी वोटरों को साधने में जुटी हैं। प्रत्याशी गांव-गांव जाकर जनसंपर्क कर रहे हैं और रैलियों में भीड़ जुटा रहे हैं। ऐसे में प्रशासन की सख्ती चुनाव को निष्पक्ष बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।


