पटना: बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के 5वें दिन सदन में वित्तीय कामकाज के साथ-साथ राजनीतिक टकराव भी देखने को मिला। लंच ब्रेक के बाद विधानसभा में तीसरा सप्लीमेंट्री बजट पेश किया गया, जबकि विधान परिषद में कानून-व्यवस्था और दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए।
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तीसरा सप्लीमेंट्री बजट पेश
लंच ब्रेक के बाद सदन में वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने 12,165.3947 करोड़ रुपये का थर्ड सप्लीमेंट्री बजट सदन के पटल पर रखा। इस दौरान सदन में भाजपा विधायकों की संख्या कम नजर आई। बताया गया कि अधिकांश भाजपा विधायक नवनियुक्त मंत्री नितिन नवीन के अभिनंदन समारोह में शामिल होने के लिए बापू सभागार पहुंचे हुए थे।
विधान परिषद में हंगामे के साथ शुरुआत
सुबह विधान परिषद की कार्यवाही शुरू होते ही राजद एमएलसी ने लॉ एंड ऑर्डर को लेकर जोरदार हंगामा किया। राजद एमएलसी सुनील सिंह ने दरभंगा में 6 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या का मामला उठाया। हंगामे के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा, “बिहार का कोई जिला नहीं बचा है, जहां बच्चियां सुरक्षित हों।” इस दौरान सदन में नीतीश कुमार हाय-हाय के नारे भी लगे।
नीतीश कुमार का पलटवार
विपक्ष के आरोपों पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी सीट से उठे और जवाब दिया। उन्होंने कहा, “तुम लोगों ने कुछ काम किया था, जो आज बोल रहे हो। कभी बच्चियों को स्कूल भेजा था?” उनके इस बयान के बाद सदन में और शोर-शराबा बढ़ गया। राजद एमएलसी ने आरोप लगाया कि जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बोल रहे थे, उसी दौरान विपक्ष के सदस्यों का माइक बंद कर दिया गया, जिससे वे अपनी बात पूरी नहीं रख सके।
बेल में आकर नारेबाजी
इसके बाद राजद एमएलसी वेल में आ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। पटना, खगड़िया, आरा और दरभंगा में सामने आए दुष्कर्म के मामलों को उठाते हुए विपक्ष ने सरकार पर कानून-व्यवस्था पूरी तरह फेल होने का आरोप लगाया। लगातार हंगामे के कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका। हालात को देखते हुए विधान परिषद की कार्यवाही ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। जिस तरह बजट सत्र के पांचवें दिन सरकार और विपक्ष के बीच टकराव देखने को मिला, उससे साफ है कि आने वाले दिनों में भी सदन के सुचारू संचालन में मुश्किलें आ सकती हैं।


