Tuesday, July 28, 2026

जमशेदपुर से बहरागोड़ा में स्वर्णरेखा नदी किनारे मिला तीसरा जिंदा बम

बहरागोड़ा: झारखंड के बहरागोड़ा इलाके में एक बार फिर द्वितीय विश्वयुद्ध काल का जिंदा बम मिलने से सनसनी फैल गई है। पानीपाड़ा गांव के पास सुवर्णरेखा नदी के किनारे करीब 227 किलोग्राम वजनी जिंदा बम मिलने की पुष्टि हुई है। यह बम द्वितीय विश्वयुद्ध के समय का बताया जा रहा है, जो इतने वर्षों बाद भी सक्रिय स्थिति में पाया गया है। इसकी खतरनाक स्थिति को देखते हुए इलाके में हाई अलर्ट जारी किया गया है।

आज किया जाएगा बम निष्क्रिय

सूचना मिलते ही भारतीय सेना का बम निरोधक दस्ता (BDDS) मौके पर पहुंच गया और पूरे क्षेत्र को अपने नियंत्रण में ले लिया। सुरक्षा के लिहाज से नदी के दोनों किनारों को सील कर दिया गया है और बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। सेना की निगरानी में तय समय पर इस बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करने की तैयारी की गई है। इसके लिए विशेषज्ञों की टीम तैनात है। इस प्रक्रिया के दौरान जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहेंगे।

Air Now के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें:-

यह भी पढ़ें: रांची : केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री के आवास से महज कुछ दूर दिनदहाड़े फायरिंग कर जमीन कारोबारी को मारी गोली

पहले भी मिल चुके हैं दो जिंदा बम

गौरतलब है कि इसी इलाके से कुछ दिन पहले दो अन्य जिंदा बम भी बरामद किए गए थे, जिन्हें सेना ने सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया था। लगातार तीसरी बार बम मिलने से यह आशंका जताई जा रही है कि द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान यहां बम गिराए गए थे या डंप किए गए थे, जो फट नहीं पाए थे। लगातार बम मिलने की घटनाओं से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और नदी किनारे जाने से बचें। सुरक्षा कारणों से लोगों को कम से कम एक किलोमीटर दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं। सेना के अधिकारियों के अनुसार, इस भारी बम को निष्क्रिय करने के दौरान तेज धमाका हो सकता है। इसलिए एहतियात के तौर पर पूरे इलाके को खाली कराया जा रहा है और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

Air Now के यूट्यूब चैनल को देखने के लिए यहां क्लिक करें:-

spot_img

एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img

ट्रेंडिंग ख़बर