खेल डेस्क : एशियन गेम्स 2026 के 13वें दिन शुक्रवार को भारत का प्रदर्शन शानदार रहा. 16 गोल्ड मेडल समेत 76 पदकों के साथ भारत पदक तालिका में पांचवें नंबर पर है. ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना ने अपने जन्मदिन पर 75 किलोग्राम वर्ग के फ़ाइनल में चीन की बाओ ज़ियी को 5-0 से हराया. इसके साथ ही भारत का महिला मुक्केबाज़ी में एशियाई खेलों का चैंपियन बनने का 12 साल का इंतज़ार ख़त्म हो गया. उन्होंने पिछले एशियाई खेलों में जीते रजत पदक को इस बार स्वर्ण में बदल दिया.
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यह मेरे लिए मुश्किल साल रहा
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ लवलीना ने मुकाबले के बाद कहा, “यह मेरे लिए मुश्किल साल रहा. पहले मैं मुक्केबाज़ी छोड़ना चाहती थी. लेकिन मैंने खेलना जारी रखा. मुझे अपने पदक का रंग बदलना था. यह मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण था. इससे भी ज़्यादा महत्वपूर्ण यह है कि मैंने खेलना जारी रखा.”
मुक्केबाज़ी से संन्यास लेने का मन
लवलीना बोरगोहाईं ने 2024 ओलंपिक के बाद मुक्केबाज़ी से संन्यास लेने का मन बना लिया था, लेकिन पेरिस खेलों में पदक नहीं जीत पाने के बाद उन्होंने अपना फ़ैसला बदल दिया. उनका यह फैसला शुक्रवार को सही साबित हुआ, जब भारतीय मुक्केबाज़ ने यहां अपना पहला एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीता.
अंकुश पघाल ने जीता गोल्ड मेडल
वहीं इसके बाद भारतीय बॉक्सर अंकुश पंघाल ने एशियन गेम्स में 80 किग्रा वर्ग में दक्षिण कोरिया के किम मिनसियोंग को 4-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीता. भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अंकुश पंघाल को बधाई दी है. पहलवान सुजीत कलकल ने पुरुषों के फ्रीस्टाइल 65 किग्रा वर्ग में ताजिकिस्तान के अब्दुलमाजिद कुडिएव को 10-9 से हराकर गोल्ड मेडल जीता. इससे पहले ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहाईं ने 75 किलोग्राम वर्ग के फ़ाइनल में चीन की बाओ ज़ियी को 5-0 से हराया.


