रांची: झारखंड में 11वीं-13वीं जेपीएससी संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा 2023 के जरिए उप समाहर्ता के पद के लिए चयनित दो अभ्यर्थियों सुनील दास और आर्यन की नियुक्ति की अनुशंसा कार्मिक विभाग ने रद्द कर दी है. पिछले दिनों राज्य सरकार के पहले इस नियुक्ति को रद्द करने और बाद में झारखंड हाईकोर्ट की ओर से नियुक्ति रद्द करने के फैसले पर रोक लगाने के आदेश के बाद जेपीएससी प्रकरण में यह पहली कार्रवाई है. इस संबंध में कार्मिक विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है.
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सत्यापन में रहे अनुपस्थित
जारी अधिसूचना के अनुसार बार-बार मौका दिए जाने के बावजूद दोनों अभ्यर्थियों ने शैक्षणिक, जाति व आवासीय प्रमाण पत्रों के सत्यापन में भाग नहीं लिया और अब अनुपस्थित रहने के कारण विभाग ने यह कार्रवाई की है. कार्मिक विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, सुनील दास का चयन अनुसूचित जाति कोटि में और आर्यन का चयन अनारक्षित कोटि में उप समाहर्ता के पद पर हुआ था.
अंतिम परीक्षा परिणाम प्रकाशित होने के बाद पहली बार 19 अगस्त 2025 को मूल प्रमाण पत्रों की जांच के लिए बुलाया गया था. अनुपस्थित रहने पर 20 अगस्त और फिर 28 अगस्त 2025 का समय दिया गया, लेकिन वे नहीं आए. बाद में सुनील दास ने आवेदन देकर इस्तीफा देने के लिए समय मांगा और नियुक्ति प्रक्रिया को 6 महीने आगे बढ़ाने का अनुरोध किया.
कार्मिक विभाग ने एक और मौका देते हुए 3 अक्टूबर 2025 की तिथि तय की, लेकिन इस बार भी वे उपस्थित नहीं हुए. इसी तरह अनारक्षित श्रेणी में अनुशंसित अभ्यर्थी आर्यन को भी दस्तावेज सत्यापन के लिए कई अवसर प्रदान किए गए, लेकिन वे भी किसी भी तिथि पर विभाग के समक्ष उपस्थित नहीं हुए.
नियमावली के तहत हुई कार्रवाई
लगातार अनुपस्थिति और विभाग को कोई ठोस सूचना न देने पर कार्मिक विभाग ने ‘झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा नियमावली 2021’ के नियम 37 का हवाला दिया है. इस नियम के तहत पर्याप्त समय दिए जाने के बाद भी प्रमाण पत्रों की जांच न कराने के आधार पर 31 जुलाई को दोनों अभ्यर्थियों की नियुक्ति अनुशंसा आधिकारिक रूप से रद्द कर दी गई.

