घाटशिला : झारखंड के घाटशिला विधानसभा सीट पर 11 नवंबर को होने वाले उपचुनाव को लेकर आज शाम चुनाव प्रचार का शोर थम गया. चुनाव प्रचार थम जाने के बाद अब घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में न रैलियों का शोर हो रहा है और न ही माइक की गूंज सुनाई दे रही है. मतदान को लेकर सिर्फ मतदाताओं की खामोश तैयारी नजर आ रही है। इस उपचुनाव में झामुमो के सोमेश सोरेन, भाजपा के बाबूलाल सोरेन और जेएलकेएम के रामदास मुर्मू समेत कुल 13 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला झामुमो के सोमेश सोरेन और भाजपा के बाबूलाल सोरेन के बीच नजर आ रहा है। प्रचार बंद होने के बाद प्रत्याशी और सीमित संख्या में उनके समर्थक केवल डोर-टू-डोर कैंपेन या सोशल मीडिया के माध्यम से ही मतदाताओं से संपर्क कर पा रहे हैं.
बीते 15 अगस्त 2025 को घाटशिला के विधायक सह झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के आकस्मिक निधन हो जाने के कारण इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है. चुनाव आयोग ने पिछले महीने 6 अक्टूबर को इस सीट पर उपचुनाव की घोषणा की थी. उसके बाद से ही लगातार घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में चुनावी शोर गूंजने लगा था. यह उपचुनाव झामुमो और भाजपा दोनों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुका है।
झामुमो ने दिवंगत पूर्व विधायक रामदास सोरेन के पुत्र सोमेश सोरेन पर भरोसा जताया है। तो दूसरी ओर भाजपा ने सरायकेला के विधायक सह पूर्व सीएम चंपाई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन पर अपना भरोसा जताया है. बाबूलाल सोरेन पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव के दौरान भी भाजपा के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ चुके हैं और उस समय उन्हें 22 हजार से कुछ अधिक वोटों से हार का सामना करना पड़ा था जबकि तीसरे स्थान पर जेएलकेएम उम्मीदवार रामदास मुर्मू 8 हजार से अधिक वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे. यह पहला मौका है कि जब भाजपा ने घाटशिला में लगातार दो बार चुनाव मैदान में एक ही उम्मीदवार को उतारा है.
झामुमो को अपने दिवंगत नेता रामदास सोरेन की लोकप्रियता और सहानुभूति लहर पर भरोसा कर रही है तो वहीं दोनों प्रमुख उम्मीदवारों के संताल समाज से आने के कारण संभावना है कि आदिवासी मत दोनों तरफ जाएगा। भाजपा के अपने सहयोगी लोजपा के सहारे चार प्रतिशत दलित मतों को साथ लाने की कोशिश में हैं। झामुमो गठबंधन के मुस्लिम मंत्री भी अल्पसंख्यक मतों को अपने पाले में लाने के लिए लगे हैं, लेकिन भाजपा आदिवासी मतों के अलावा कुड़मी, पिछड़ी और अन्य दलित मतों पर नजर रख रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह उपचुनाव सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गया है और इसलिए चुनाव प्रचार के दौरान सभी पार्टियों ने प्रचार जोरों शोरों किया और JMM की ओर से मुख्य रूप से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन प्रचार का मोर्चा संभाले हुए थे। आज आखिरी बार भी दोनों ने ही अलग अलग एरिया में रोड शो भी किए। वहीं भाजपा ने भी अपने उम्मीदवार के लिए पूरी ताकत झोंक दी हालांकि चुनाव को लेकर पार्टी कि ओर से 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की गई थी। इसमे केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान,जुएल उरांव, बीरेंद्र सिंह खटीक और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विशनुदेव साय का भी नाम शामिल था, लेकिन आज अंतिम दिन था पर ये प्रचार के लिए नहीं आए। भाजपा की कमान राज्य के पांच पूर्व मुख्यमंत्रियों रघुवर दास, चंपाई सोरेन, मधु कोड़ा, अर्जुन मुंडा और प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने संभाली रखी थी।
चुनाव प्रचार के दौरान आरोप प्रत्यारोप का दौर भी खूब जारी रहा. बाबूलाल मारांडी ने मईयां समान योजना पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा की इस योजना के नाम पर JMM महिलाओं के साथ छल कर रही है। 2024 में विधानसभा चुनाव से पहले प्रत्येक महिला को मईयां सम्मान योजना का लाभ देने का वादा किया था। पर सरकार बनने के बाद कई लाभुकों को इस योजना से वंचित किया गया।
वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने चुनाव प्रचार में भाजपा पर खूब हमलावर नजर आए. उन्होंने कहा कि झारखंड में भाजपा ने 17 साल राज किया। गरीब हाथ में राशन कार्ड लेकर भात भात करते मर गए। किसान आत्महत्या कर रहे थे। लेकिन हमारी सरकार आने के बाद छह साल में हालात बदल गए। अब पंचायत भी सरकार तक पहुँच पा रही है।
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इन सब आरोप प्रत्यारोप में एक चीज साफ थी की, दोनों का निशाना कौन थे। इससे पता चलता है की दोनों सिर्फ एक दूसरे को ही प्रतिद्वंदी मान रहे थे।
लेकिन अब चुनाव प्रचार जब खत्म हो गया है और मतदान में कुछ घंटे ही शेष हैं, तो जिले में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई, जो मतदान समाप्ति तक प्रभावी रहेगी।
घाटशिला सीट पर मुकाबला बेहद रोमांचक और कांटेदार है। जनता किसे चुनेगी, इसका फैसला 11 नवंबर को पहले मतदान और उसके बाद 14 नवंबर को मतगणना के बाद ही होगा। दोनों मुख्य उम्मीदवारों के नेताओं के बेटे होने के कारण इस उपचुनाव को झारखंड की राजनीति में परिवारवाद को बढ़ावा मिलने के रूप में भी देखा जा रहा है.


