गोड्डा: झारखंड के गोड्डा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मजिस्ट्रेट ने ही अपनी पत्नी की हत्या की साजिश रची। गोड्डा पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि सासाराम में पदस्थापित मजिस्ट्रेट ने दो लाख रुपये की सुपारी देकर अपनी पत्नी पर जानलेवा हमला करवाया था। इस घटना में महिला को तीन गोलियां लगी थीं और वह अब भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है।
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17 जनवरी को हुआ था हमला
यह घटना इसी माह 17 जनवरी को पथरगामा थाना क्षेत्र में हुई थी। सासाराम में तैनात मजिस्ट्रेट की पत्नी बंदना कुमारी पर अज्ञात लोगों ने गोलीबारी की थी। हमले में बंदना को तीन गोलियां लगी थीं, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में इलाज के लिए भागलपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।
घायल बंदना कुमारी के बयान के आधार पर गोड्डा पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। सभी पहलुओं की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान सामने आया कि इस हमले के पीछे कोई बाहरी दुश्मन नहीं, बल्कि महिला का पति ही मास्टरमाइंड था। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि बंदना के पति संतोष साह, जो वर्तमान में बिहार के सासाराम में मजिस्ट्रेट के पद पर कार्यरत हैं, ने ही अपनी पत्नी की हत्या की साजिश रची थी।
तीन आरोपी गिरफ्तार
बुधवार को एसपी ने मुकेश कुमार, पुलिस अधीक्षक, गोड्डा ने प्रेस वार्ता कर पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संतोष साह और उनकी पत्नी बंदना के बीच गोड्डा न्यायालय में तलाक का मुकदमा चल रहा था। गुजारा भत्ता को लेकर दोनों के बीच सहमति नहीं बन पा रही थी। इसी बात से नाराज होकर संतोष साह ने अपनी पत्नी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और दो लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या करवाने की साजिश रची।
पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी मजिस्ट्रेट का छोटा भाई सुबोध साह है। बाकी दो आरोपी उसके मित्र श्याम कुमार साह और मोहम्मद आरिफ हैं। तीनों आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उन्होंने बताया कि मजिस्ट्रेट संतोष साह के कहने पर और दो लाख रुपये की रकम मिलने के बाद ही वे इस वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार हुए थे।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
गोड्डा पुलिस का कहना है कि मामले में सभी साक्ष्य जुटा लिए गए हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह किसी भी पद पर क्यों न हो। इधर, गोली लगने से घायल बंदना कुमारी का इलाज अभी भी भागलपुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है। यह मामला न सिर्फ रिश्तों को शर्मसार करने वाला है, बल्कि यह भी दिखाता है कि निजी विवाद जब हिंसा का रूप ले लेते हैं, तो इसके नतीजे कितने भयावह हो सकते हैं।


