रांची: नामकुम अंचल कार्यालय से दाखिल-खारिज से जुड़े दस्तावेज गायब होने के मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी एसीबी ने कार्रवाई की है. झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद दर्ज मामले की जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर एसीबी ने दो प्राथमिकी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है.
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मामला नामकुम अंचल, रांची कार्यालय के दाखिल-खारिज वाद संख्या 356R-27/2013-14 से संबंधित है. आरोप है कि इस वाद से जुड़े सभी दस्तावेज गायब हो गए थे. हाईकोर्ट के निर्देश के बाद एसीबी थाना, रांची में कांड संख्या 18/2026 दर्ज किया गया था. प्राथमिकी 26 अगस्त 2026 को दर्ज की गई. एसीबी की प्राथमिकी में नामकुम अंचल के तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारी को अभियुक्त बनाया गया है. इनमें तत्कालीन सीओ डॉ. श्वेता वर्मा, तत्कालीन सीआई मनोज कुमार दीक्षित और तत्कालीन लिपिक दीपक कुमार शामिल हैं.
मामले की जांच के दौरान एसीबी को पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद 22 सितंबर को कार्रवाई की गई. एजेंसी ने तत्कालीन अंचल निरीक्षक मनोज कुमार दीक्षित और तत्कालीन लिपिक दीपक कुमार को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार मनोज कुमार दीक्षित की उम्र करीब 65 वर्ष बताई गई है. वे स्व. महेश प्रसाद दीक्षित के पुत्र हैं. वहीं दीपक कुमार की उम्र करीब 51 वर्ष है और वे स्व. दिनेश प्रसाद के पुत्र बताए गए हैं.
एसीबी अब दाखिल-खारिज वाद से जुड़े दस्तावेजों के गायब होने और इसमें संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है. मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी.


